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Azamgarh News: 10 पुरवों के संपर्क मार्ग डूबे, कई गांवों में घुसा पानी

Mon, 16 Sep 2024 12:58 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2024 12:58 AM IST
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Link roads of 10 villages submerged, water entered many villages
लाटघाट। सगड़ी तहसील से गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत है। बदरहुवां नाले पर नदी 31 सेंटीमीटर और डिघिया नाले पर 82 सेंटीमीटर लाल निशान से ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंट में जलस्तर करीब एक मीटर बढ़ा है। कई गांवों में पानी घुस गया है और संपर्क मार्ग डूब गए हैं।
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देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से खतरा बिंदु को पार कर गया है। बदरहुंआ नाले पर 31 सेमी तो डिघिया नाले पर यह 82 सेमी खतरा बिंदू से ऊपर बह रहा है। बदरहुंआ नाले पर शनिवार की शाम जलस्तर 71.14 मीटर था, जो रविवार को 85 सेंटीमीटर बढ़कर 71.99 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर जलस्तर 70.45 मीटर से 71.22 मीटर पहुंच गया। बदरहुंआ का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर, अधिकतम 73.52 मीटर है। जबकि डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। जलस्तर बढ़ने से लोगों के घरों तक पानी घुस गया है और संपर्क मार्ग भी डूब गए। देवारा खास राजा के चक्की करीब 10 पुरवे के संपर्क साहडीह, बांका, बूढ़न पट्टी आदि के संपर्क मार्ग डूब गए हैं। घाघरा नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। जिससे ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। वहीं अभी इसके दो दिन और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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जलस्तर बढ़ने के साथ ही महुला गढ़वल बांध के रेगुलेटरों से रिसाव शुरू हो गया है। जिसको बंद करने का प्रयास जारी है। बंधे में लगभग 50 से अधिक रेगुलेटर है और रेगुलेटर ही बाढ़ आने पर खतरा साबित होते हैं, हैदराबाद में 2003 में रेगुलेटर की वजह से ही बांध टूटा था।
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घाघरा में जहां पिछले 24 घंटे में 953892 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रविवार को विभिन्न बैराजों से 363675 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसमें गिरिजा बैराज से 164038 क्यूसेक, शारदा बैराज से 190278 क्यूसेक और सरयू बैराज से 9359 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।



बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नाव और नाविकों की पर्याप्त व्यवस्था है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर ली गई है। - विवेकानंद दुबे, तहसीलदार सगड़ी।
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