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दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास
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पाक्सों कोर्ट से पहली बार तीन माह के अंदर आया फैसला बरदह थाना के महुआरी गांव निवासी किसन पुत्र शिव कुमार विश्वकर्मा को 14 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किए जाने के अभियोग में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। यह सजा बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सों कोर्ट रविश कुमार अत्री की अदालत ने सुनाई।
इस मामले में अनुसूचित जाति पीड़िता की मां ने तीन अप्रैल 2022 को बरदह थाना में महुआरी गांव निवासी किसन उर्फ कृष्णा पुत्र शिव कुमार विश्वकर्मा के विरुद्ध दुष्कर्म किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में आरोप है कि घटना की रात लगभग साढ़े आठ बजे उसकी लड़की लघुशंका करने के लिए घर से बाहर निकली थी। आरोपी ने जबरन उसका मुंह दबाकर अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। इस मामले में बरदह थाना पुलिस ने चार अप्रैल 2022 को आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और जांच कर सात अप्रैल 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा ने पीड़िता समेत कुल छह गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अभियुक्त को दुष्कर्म का दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।
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इस मामले में अनुसूचित जाति पीड़िता की मां ने तीन अप्रैल 2022 को बरदह थाना में महुआरी गांव निवासी किसन उर्फ कृष्णा पुत्र शिव कुमार विश्वकर्मा के विरुद्ध दुष्कर्म किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में आरोप है कि घटना की रात लगभग साढ़े आठ बजे उसकी लड़की लघुशंका करने के लिए घर से बाहर निकली थी। आरोपी ने जबरन उसका मुंह दबाकर अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। इस मामले में बरदह थाना पुलिस ने चार अप्रैल 2022 को आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और जांच कर सात अप्रैल 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा ने पीड़िता समेत कुल छह गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अभियुक्त को दुष्कर्म का दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।
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