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रंग महोत्सव का शुभारंभ
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 26 Dec 2014 11:12 PM IST
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नगर के वेस्ली इंटर कालेज परिसर में शुक्रवार की शाम 13वीं अखिल भारतीय नाटक और लोकनृत्य समारोह ‘रंग महोत्सव 2014’ का शुभारंभ हुआ। ‘रंग महोत्सव 2014’ की पहली शाम कारगिल शहीद रामसमुझ यादव को समर्पित रहा।
‘रंग महोत्सव 2014’ का उद्घाटन एसपी ग्रामीण सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, डा. पीयूष सिंह यादव सहित अन्य ने दीप जलाकर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत फ्रेंडस डांस ग्रुप जौनपुर के कलाकारों ने गणेश वंदना और ‘सड्डा दिल भीू तू सड्डा जान भी तू’ पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर किया। दूसरी प्रस्तुति गुजरात की पारंपरिक लोकनृत्य ‘गरबा’ था।
जिसे कविता थियेटर्स वीरपुर जलाराम (गुजरात) द्वारा चिराग मेहता के निर्देशन में भावना, पुनीत, मोना, माधव, रोनिका, अश्मीना ने प्रस्तुत किया। इसी क्रम में तीसरी प्रस्तुति प्रदेश का प्रसिद्ध धोबिया नृत्य रहा। उमेश कन्नौजिया और उनके साथियों ने लोगों का मनमोह लिया। इस प्रकार असम से आए कलाकारों ने असमिया लोकनृत्य और थियेटर मूवमेंट कटक उड़ीसा के कलाकारों ने उड़िया लोक नृत्य से लोगों का दिल जीत लिया। दूसरे सत्र में हास्य-व्यंग की जो रसधारा बही तो पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा।
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इलाहाबाद के बिहारी लाल अंबर और जिले के प्रसिद्ध कवि वैभव वर्मा ने लोगाें को खूब मनोरंजन किया। तीसरे सत्र गीतों को समर्पित रहा। विजय प्यारे, अरुण सिंह और नंदिनी गौड़ ने अपने गीतों से सभी का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया। शरद गुप्ता, राकेश कुमार, अमरजीत विश्वकर्मा, मनोज मौर्या, मनोज यादव आदि उपस्थित थे।
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‘रंग महोत्सव 2014’ का उद्घाटन एसपी ग्रामीण सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, डा. पीयूष सिंह यादव सहित अन्य ने दीप जलाकर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत फ्रेंडस डांस ग्रुप जौनपुर के कलाकारों ने गणेश वंदना और ‘सड्डा दिल भीू तू सड्डा जान भी तू’ पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर किया। दूसरी प्रस्तुति गुजरात की पारंपरिक लोकनृत्य ‘गरबा’ था।
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जिसे कविता थियेटर्स वीरपुर जलाराम (गुजरात) द्वारा चिराग मेहता के निर्देशन में भावना, पुनीत, मोना, माधव, रोनिका, अश्मीना ने प्रस्तुत किया। इसी क्रम में तीसरी प्रस्तुति प्रदेश का प्रसिद्ध धोबिया नृत्य रहा। उमेश कन्नौजिया और उनके साथियों ने लोगों का मनमोह लिया। इस प्रकार असम से आए कलाकारों ने असमिया लोकनृत्य और थियेटर मूवमेंट कटक उड़ीसा के कलाकारों ने उड़िया लोक नृत्य से लोगों का दिल जीत लिया। दूसरे सत्र में हास्य-व्यंग की जो रसधारा बही तो पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा।
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इलाहाबाद के बिहारी लाल अंबर और जिले के प्रसिद्ध कवि वैभव वर्मा ने लोगाें को खूब मनोरंजन किया। तीसरे सत्र गीतों को समर्पित रहा। विजय प्यारे, अरुण सिंह और नंदिनी गौड़ ने अपने गीतों से सभी का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया। शरद गुप्ता, राकेश कुमार, अमरजीत विश्वकर्मा, मनोज मौर्या, मनोज यादव आदि उपस्थित थे।