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ताड़ीघाट-मऊ रेलखंड परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाएगी भूमि, बजट का इंतजार
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आजमगढ़। ताड़ीघाट-मऊ रेलखंड परियोजना काम शुरू होने के बाद बजट के इंतजार में ठप हो गई। हालांकि सर्वे का काम पूरा कर भूमि खरीद के लिए आजमगढ़ के एसएलएओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) को सौंपा गया लेकिन बजट के अभाव में पूरी परियोजना ठप है।
गाजीपुर में ताड़ीघाट-मऊ रेल खंड परियोजना 51 किमी लंबी है। इस पर लगभग 1766 करोड़ बजट से नई रेल लाइन का काम होना है। इस प्रोजेक्ट को एक जून 2016 को स्वीकृति दी गई थी। पहले फेज के तहत भेलसरा, ओड़हरा, नसीरपुर, हाथीपुर, पनीयरा, ताजीपुर व परदहां के ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहित करने के लिए किसानों और काश्तकारों से दावे व आपत्ति भी मांगे गए थे। गाजीपुर जिले में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का कार्यालय न होने के कारण इसकी जिम्मेदारी आजमगढ़ के सीआरओ हरिशंकर को सौंपी गई है। इसके लिए उन्होंने आरवीएनएल (रेलवे निगम लिमिटेड) के असिस्टेंट मैनेजर रितेश कुमार से पूरी जानकारी ली है।
वहां विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का कार्यालय न होने के कारण इसकी जिम्मेदारी हमें सौंपी गई है। आठ गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसे लेकर आरवीएनएल के असिस्टेंट मैनेजर से आवश्यक जानकारी भी ली गई है। - हरिशंकर, सीआरओ आजमगढ़
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ताड़ीघाट-मऊ रेल लाइन के सिर्फ सर्वे का काम पूरा हुआ है। किसानों से भूमि अधिग्रहित की कार्रवाई नहीं हुई है। कारण कि शासन की ओर से बजट ही नहीं मिल सका है। बजट मिलने के बाद ही इसपर कोई कार्य कराया जाएगा।
रितेश कुमार, असिस्टेंट मैनेजर आरवीएनएल
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गाजीपुर में ताड़ीघाट-मऊ रेल खंड परियोजना 51 किमी लंबी है। इस पर लगभग 1766 करोड़ बजट से नई रेल लाइन का काम होना है। इस प्रोजेक्ट को एक जून 2016 को स्वीकृति दी गई थी। पहले फेज के तहत भेलसरा, ओड़हरा, नसीरपुर, हाथीपुर, पनीयरा, ताजीपुर व परदहां के ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहित करने के लिए किसानों और काश्तकारों से दावे व आपत्ति भी मांगे गए थे। गाजीपुर जिले में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का कार्यालय न होने के कारण इसकी जिम्मेदारी आजमगढ़ के सीआरओ हरिशंकर को सौंपी गई है। इसके लिए उन्होंने आरवीएनएल (रेलवे निगम लिमिटेड) के असिस्टेंट मैनेजर रितेश कुमार से पूरी जानकारी ली है।
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वहां विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का कार्यालय न होने के कारण इसकी जिम्मेदारी हमें सौंपी गई है। आठ गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसे लेकर आरवीएनएल के असिस्टेंट मैनेजर से आवश्यक जानकारी भी ली गई है। - हरिशंकर, सीआरओ आजमगढ़
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ताड़ीघाट-मऊ रेल लाइन के सिर्फ सर्वे का काम पूरा हुआ है। किसानों से भूमि अधिग्रहित की कार्रवाई नहीं हुई है। कारण कि शासन की ओर से बजट ही नहीं मिल सका है। बजट मिलने के बाद ही इसपर कोई कार्य कराया जाएगा।
रितेश कुमार, असिस्टेंट मैनेजर आरवीएनएल