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लटकते तारों से सता रही दुर्घटना की आशंका
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sun, 29 May 2016 12:13 AM IST
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झूलते तार
- फोटो : अमर उजाला
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नगर के सिधारी हाइडिल से सटे खैरातपुर कालोनी में लगे तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं, जो रास्ते से होकर आने जाने वाले लोगों के सिर से छूते रहते हैं। इसके कारण मुहल्ले के लोगों को हमेशा दुर्घटना होने का भय सताता रहता है।
विद्युत विभाग चिराग तले अंधेरा की कहावत को पूरी तरह से चरितार्थ कर रहा है क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो हाइडिल परिसर से सटी कालोनी में इस तरह की उदासीनता देखने को नहीं मिलती। खैरातपुर कालोनी में लगभग आठ माह पूर्व जर्जर और खुले विद्युत तारों को हटाकर उनके स्थान पर कवर्ड तार लगाया गया। विभाग ने इस कार्य को भी पूरी कालोनी में नहीं कर आधा अधूरा ही छोड़ दिया। जिन स्थानों पर तार बदले गए, उन स्थानों पर तारों को इतना ढीला छोड़ा गया है कि वह रास्ते से आने वाले लोगों के सिर और घरों में लगे गेटों को छूते रहते हैं, जिसके कारण हमेशा मुहल्ले के लोगों केे खतरा होने का भय सताता रहता है। मुहल्लेवासियों ने कई बार इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बात तो लेकर मुहल्लेवासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर तार को इसी तरह से लगाना था तो पुराने जर्जर तार ही ठीक थे। कम से कम उनके सिर से टकराने का डर तो नहीं था।
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विद्युत विभाग चिराग तले अंधेरा की कहावत को पूरी तरह से चरितार्थ कर रहा है क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो हाइडिल परिसर से सटी कालोनी में इस तरह की उदासीनता देखने को नहीं मिलती। खैरातपुर कालोनी में लगभग आठ माह पूर्व जर्जर और खुले विद्युत तारों को हटाकर उनके स्थान पर कवर्ड तार लगाया गया। विभाग ने इस कार्य को भी पूरी कालोनी में नहीं कर आधा अधूरा ही छोड़ दिया। जिन स्थानों पर तार बदले गए, उन स्थानों पर तारों को इतना ढीला छोड़ा गया है कि वह रास्ते से आने वाले लोगों के सिर और घरों में लगे गेटों को छूते रहते हैं, जिसके कारण हमेशा मुहल्ले के लोगों केे खतरा होने का भय सताता रहता है। मुहल्लेवासियों ने कई बार इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बात तो लेकर मुहल्लेवासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर तार को इसी तरह से लगाना था तो पुराने जर्जर तार ही ठीक थे। कम से कम उनके सिर से टकराने का डर तो नहीं था।
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