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जयकारे के बीच अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:32 AM IST
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डाला छठ पर निराजल व्रत रखी लाखों महिलाओं ने घाट पर मंगलवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान गाजे बाजे के साथ पहुंचे लोगों के छठ मैया के जयकारे से घाट गुुुंजायमान हो उठे। घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सूर्य की उपासना के लिए व्रती महिलाएं घंटों पानी में खड़ी रहीं।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में निराजल व्रत रही महिलाओं की आस्था मंगलवार की दोपहर बाद से नदी और तालाबों की ओर उमड़ पड़ी। गाजे-बाजे के साथ छठ मैया के गीत गाती व्रती महिलाओं के आगे उनके परिवार के सदस्य डलिया में पूजन सामग्री लिए नदी और सरोवरों के लिए चल रहे थे।
अपनी-अपनी वेदियों के सामने पूजन सामग्री रख व्रती महिलाएं नदी के पानी में पश्चिम की ओर मुख किए खड़ी थीं। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने का समय आया, तो एक साथ लाखों हाथ अर्घ्य देने के लिए उठ गए। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अर्घ्य दिया। सूर्य को अर्घ्य दान के बाद गीत गाती व्रती महिलाएं घरों के लिए चल पड़ीं।
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अब बुधवार की भोर में पुन: गाजे-बाजे के साथ नदी और सरोवरों पर आस्था में डूबी महिलाएं और परिवार के सदस्य पहुंचेंगे, जहां वह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगी और घर आने पर 36 घंटे के निराजल व्रत का पारण करेंगी।
डाला छठ पर शाम से नदी और सरोवरों के तट जगजमगा उठे। कदम घाट, भोला घाट, सिधारी, नरौली, हरवंशपुर शाहीपुल, राजघाट आदि घाटों पर बने पूजा पंडालों में सोमवार को ही छठ माता और भगवान भाष्कर की मूर्ति स्थापित कर दी गई थी।
भगवान भाष्कर के डूबते ही अर्घ्य के लिए एक साथ लाखों हाथ अराधना में उठ गए। व्रती महिलाओं ने वेदियों पर पूजन-अर्चन के बाद दीप जलाए घाटों पर भीड़ पर नजर रखने के लिए पुलिस के इंतजाम थे।
मुबारकपुर ः सूर्य उपासना का महापर्व डाला छठ पर व्रती महिलएं विभिन्न घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने गीत गाते पहुंची।
ठेकमा : कस्बे में श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ सरोवरों और घाटों पर पहुंचे। वहीं भीड़ में आस्था में डूबे अरविंद गुप्ता मन्नत पूरी होने पर सड़क पर लेटते हुए सरोवर तक गए।
फूलपुर : कुंवर नदी स्थित रामघाट गढ़वा नागा बाबा सरोवर और दुर्वासा के संगम पर व्रती महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। अहरौला : तमसा नदी के किनारे शाम होते ही भारी संख्या मे व्रती महिलाओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया। सुरक्षा के मद्देनजर अहरौला पुलिस तैनात थी।
कटानी बाजार : महाराजगंज के भैरव बाबा पोखरा, प्रतापपुर स्थित छोटी सरयू नदी में महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। रानी की सराय : सूर्योपासना का पर्व छठ क्षेत्र में धूमधाम से मना।
लाटघाट : क्षेत्र में मुहम्मदपुर शिवाला मंदिर, कल्यानपुर घाट आदि स्थानों पर महिलाएं गीत-गाते नंगे पैर पहुंची। बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की। लालगंज : क्षेत्र के हनुमानगढ़ी, घमिरिया, दयाराम बाबा के पोखरें पर महिलाओं ने आस्था के साथ सूर्य को अर्घ्य दिया।
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में निराजल व्रत रही महिलाओं की आस्था मंगलवार की दोपहर बाद से नदी और तालाबों की ओर उमड़ पड़ी। गाजे-बाजे के साथ छठ मैया के गीत गाती व्रती महिलाओं के आगे उनके परिवार के सदस्य डलिया में पूजन सामग्री लिए नदी और सरोवरों के लिए चल रहे थे।
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अपनी-अपनी वेदियों के सामने पूजन सामग्री रख व्रती महिलाएं नदी के पानी में पश्चिम की ओर मुख किए खड़ी थीं। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने का समय आया, तो एक साथ लाखों हाथ अर्घ्य देने के लिए उठ गए। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अर्घ्य दिया। सूर्य को अर्घ्य दान के बाद गीत गाती व्रती महिलाएं घरों के लिए चल पड़ीं।
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अब बुधवार की भोर में पुन: गाजे-बाजे के साथ नदी और सरोवरों पर आस्था में डूबी महिलाएं और परिवार के सदस्य पहुंचेंगे, जहां वह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगी और घर आने पर 36 घंटे के निराजल व्रत का पारण करेंगी।
डाला छठ पर शाम से नदी और सरोवरों के तट जगजमगा उठे। कदम घाट, भोला घाट, सिधारी, नरौली, हरवंशपुर शाहीपुल, राजघाट आदि घाटों पर बने पूजा पंडालों में सोमवार को ही छठ माता और भगवान भाष्कर की मूर्ति स्थापित कर दी गई थी।
भगवान भाष्कर के डूबते ही अर्घ्य के लिए एक साथ लाखों हाथ अराधना में उठ गए। व्रती महिलाओं ने वेदियों पर पूजन-अर्चन के बाद दीप जलाए घाटों पर भीड़ पर नजर रखने के लिए पुलिस के इंतजाम थे।
मुबारकपुर ः सूर्य उपासना का महापर्व डाला छठ पर व्रती महिलएं विभिन्न घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने गीत गाते पहुंची।
ठेकमा : कस्बे में श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ सरोवरों और घाटों पर पहुंचे। वहीं भीड़ में आस्था में डूबे अरविंद गुप्ता मन्नत पूरी होने पर सड़क पर लेटते हुए सरोवर तक गए।
फूलपुर : कुंवर नदी स्थित रामघाट गढ़वा नागा बाबा सरोवर और दुर्वासा के संगम पर व्रती महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। अहरौला : तमसा नदी के किनारे शाम होते ही भारी संख्या मे व्रती महिलाओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया। सुरक्षा के मद्देनजर अहरौला पुलिस तैनात थी।
कटानी बाजार : महाराजगंज के भैरव बाबा पोखरा, प्रतापपुर स्थित छोटी सरयू नदी में महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। रानी की सराय : सूर्योपासना का पर्व छठ क्षेत्र में धूमधाम से मना।
लाटघाट : क्षेत्र में मुहम्मदपुर शिवाला मंदिर, कल्यानपुर घाट आदि स्थानों पर महिलाएं गीत-गाते नंगे पैर पहुंची। बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की। लालगंज : क्षेत्र के हनुमानगढ़ी, घमिरिया, दयाराम बाबा के पोखरें पर महिलाओं ने आस्था के साथ सूर्य को अर्घ्य दिया।