आजमगढ़। जिले में बढ़ते अपराध के पारा से भले ही अधिकारियों की मुश्किल बढ़ी हुई है, लेकिन मातहतों पर इसका कोई असर नहीं। मंगलवार को डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुभाष चंद्र दुबे अतरौलिया थाने का निरीक्षण किया। थाना परिसर में जहां गंदगी का अंबार लगा हुआ था। वहीं थाने के विषय में पूछे गए एक भी सवाल का जवाब इंस्पेक्टर नहीं दे पाए। इस बात से नाराज डीआईजी ने एसपी ग्रामीण को जांच सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। वहीं कप्तानगंज थाने का निरीक्षण के दौरान भी खामियां पाए जाने पर थाने के प्रभारी को फटकार लगाते हुए सुधार की चेतावनी दी है।
डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि मंगलवार को वह अतरौलिया थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान थाना परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ था। पूरे थाने का व्यवस्था अस्त-व्यस्त नजर आई। रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का रखरखाव भी ठीक तरह से नहीं था। प्रभारी निरीक्षक से पूछने पर वह अपने थाने के एक भी हिस्ट्रीशीटर, टापटेप के बदमाश, क्षेत्र के प्रमुख जमीनी विवाद आदि के विषय में जानकारी नहीं दे पाया। ना ही थाने का त्यौहार रजिस्टर आदि भी दुरुस्त नहीं था। डीआईजी ने बताया कि थानाध्यक्ष को अपने थाने के विषय में कोई भी जानकारी नहीं थी। ऐसे में एसपी ग्रामीण को अतरौलिया थाने के बिंदुवार मामलों की जांच करते हुए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। आख्या आने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कप्तानगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक वीआईपी ड्यूटी की वजह से बाहर थे। थाने का मालखाना डंप पड़ा है। ऐसे में थाने पर जमा वाहनों की निलामी कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही थाने की अधूरी पड़ी बाउंड्री के निर्माण को भी जल्द से जल्द पुरा कराने का निदेऱश दिया गया है। डीआईजी ने बताया् कि कितना गंभीर विषय है कि थानाध्यक्ष को अपने-अपने थाने के महत्वपूर्ण जानकारियां उनके पास नहीं है।