फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   If you want post mortem, give Rs 500 and five bottles of liquor.

Azamgarh News: पोस्टमार्टम कराना है तो दीजिए 500 रुपये और पांच शीशी शराब

Mon, 19 Aug 2024 04:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 04:00 AM IST
विज्ञापन
If you want post mortem, give Rs 500 and five bottles of liquor.
आजमगढ़। जिला अस्पताल में दो माॅर्च्युरी है। जिसमें पोस्टमार्टम के लिए आने वाले शवों को रखा जाता है। वर्तमान में अगर पोस्टमार्टम कराना है तो यहां पर तैनात कर्मियों को 500 रुपये और देशी शराब की पांच शीशी भेंट करनी पड़ती है। इसके बाद ही उनके द्वारा शवों को सील किया जाता है।
विज्ञापन

मंडलीय जिला चिकित्सालय परिसर में वर्तमान में दो माॅर्च्युरी हैं। जिसमें एक माॅर्च्युरी की चाबी बलरामपुर पुलिस चौकी के पास रहती है। जो देर रात हुई दुर्घटना के शवों को रखने के काम में आती है। वहीं दूसरी माॅर्च्युरी आधुनिक है। जिसमें छह डीप फ्रीजर लगे हैं। जिसमें शवों को रखा जाता है। वर्तमान में सभी डीप फ्रीजर पूरी तरह से ठीक हैं। लेकिन वहीं एक माॅर्च्युरी जिसकी चाभी बलरामपुर चौकी के पास रहती है। उसकी हालत काफी खस्ता है। बरसात होने पर इसकी छत टपकती है। छत का प्लास्टर टूटकर गिरता है। इसमें प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन

पोस्टमार्टम कार्य अपराह्न दो बजे से शुरू होकर पांच बजे तक चलता है। इसके बाद अगर किसी का पोस्टमार्टम करना है तो उसके लिए डीएम के आदेश की जरूरत होती है। वहीं पोस्टमार्टम कराने के लिए यहां तैनात कर्मियों को 500 रुपये और पांच देशी शराब की शीशी भेंट करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शव पर पानी टपकते और चूहों द्वारा शव को कुतरे जाने का वीडियो हुआ था वायरल
आजमगढ़। पुलिस द्वारा दुर्घटना में मृत हुए लोगों के शवों को जिस माॅर्च्युरी में रखा जाता है। उसकी हालत काफी दयनीय है। लगभग तीन माह पूर्व 22 मई को पुलिस द्वारा रखे एक शव के ऊपर बारिश का पानी टपकते हुए मिला था। इतना ही नहीं चूहों द्वारा उसके पैर की अंगुलियों को भी कुतरा गया था।

शासन का निर्देश तो 24 घंटे पोस्टमार्टम का है लेकिन आर्टीफिशियल लाइट में पोस्टमार्टम में कुछ चीजे स्पष्ट नहीं हो पाती हैं। इसलिए दिन ही पोस्टमार्टम किया जाता है। इसके बाद विषम परिस्थितियों में डीएम की अनुमति लेकर पोस्टमार्टम किया जाता है। रही बात कर्मचारियों के लोगों से वसूली की तो मैं इसे देखता हूं। अगर ऐसा है तो यह गलत है। जर्जर माॅर्च्युरी को लेकर भी एसआईसी से बात करके मरम्मत कराई जाएगी।
डा. अशोक कुमार, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed