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आज जारी तो कल निरस्त हो रहे अधिकारियों के निर्देश

Thu, 10 Sep 2020 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 11:03 PM IST
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If issued today, the instructions of the officers being canceled tomorrow
आजमगढ़। जनपद में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में ड्रेस वितरण को लेकर सरकारी महकमे और शिक्षक संघ के बीच ठनती नजर आ रही है। शिक्षक संघ का आरोप है कि आज एक निर्देश जारी किया जा रहा है तो अगले दिन अधिकारी उसी आदेश को निरस्त कर रहे हैं। आरोप लगाया कि विभाग कपड़े की खरीद का केंद्रीयकरण करके एक जगह कपड़े खरीद की योजना बना रही है। वहीं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से ड्रेस की सिलाई कराने का निर्देश जारी किया जा रहा है। बाद अपने ही उसी निर्देश को वापस लिया जा रहा है। इस उहापोह से शिक्षक परेशान हैं।
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जनपद में कुल परिषदीय विद्यालय 3250 है। इनमें से 2267 प्राथमिक और 983 जूनियर विद्यालय है। इन विद्यालयों में कुल तीन लाख 34 हजार 171 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की संख्या 21 हैं। जिसमें 2100 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सरकार की ओर से इन बच्चों को प्रतिवर्ष दो-दो सेट ड्रेस, किताब, स्वेटर, जूता, मोजा आदि प्रदान किया जाता है। वर्तमान में इन बच्चों में दो-दो सेट ड्रेस का वितरण किया जाना है। सरकार का निर्देश है कि इन ड्रेसों के लिए कपड़े की खरीद ग्राम शिक्षा समिति की बैठक में कपड़ा आपूर्ति करने वाली फर्मों से कोटेशन लेकर किया जाएगा। शिक्षकों का आरोप है कि जनपद में ड्रेस के कपड़ों की खरीद का केंद्रीयकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास यह किया किया जा रहा है कि एक ही कंपनी से सभी लोग कपड़े की खरीद करें। साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से ड्रेस की सिलाई कराने का निर्देश दिया जा रहा है। कुछ समूहों को छोड़कर किसी भी समूह की महिलाओं के पास कपड़े की सिलाई और कटाई का अनुभव नहीं है। इससे परेशानी हो सकती है। शिक्षक अभी इसे ही लेकर उहापोह में थे कि अगले ही दिन महकमे ने अपने निर्देशों को निरस्त कर दिया जा रहा है।
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इस प्रकार अपने ही आदेश को निरस्त कर रहे अधिकारी
आजमगढ़। दो सितंबर को प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने क्षेत्रीय प्रबंधक यूपी इंडस्ट्रीयल कोआपरेटिव एसोसिएशन हजरतगंज लखनऊ को पत्र जारी कर निशुल्क यूनिफार्म के लिए गुणवत्तापूर्ण कपड़ा विद्यालय प्रबंध समिति को उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया। फिर चार सितंबर को ही उन्होंने एक दूसरा पत्र क्षेत्रीय प्रबंधक को जारी किया। इसमें कपड़ा खरीद का केंद्रीयकरण होने की संभावना को देखते हुए अपने इस आदेश को निरस्त कर दिया। वहीं, सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने आठ सितंबर को एक आदेश जारी किया। इसमें कहा कि यूनिफार्म सिलाई का कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदीयों को दिया गया है। नौ सितंबर को डीएम की ओर से दिए गए निर्देश के क्रम में नामित विकास खंडों के बीडीओ द्वारा नामित एडीओ और खंड शिक्षा अधिकारी अपनी उपस्थिति में इसका शुभारंभ कराएंगे। उसकी फोटो नोट कैम और सीडीओ ग्रुप में पोस्ट करेंगे। कपड़ा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों की होगी। अगर शुभारंभ में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अगले ही दिन नौ सितंबर को उनके द्वारा अपने ही आदेश को निरस्त कर दिया जाता है।
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जिलाध्यक्ष ने लगाया चहेती फर्मो को लाभ पहुंचाने का आरोप
आजमगढ़। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष और सदस्य विधान परिषद ध्रुव कुमार त्रिपाठी के प्रतिनिधि बृजेश राय ने आरोप लगाया कि बीएसए की ओर से परिषदीय विद्यालयों के यूनिफार्म के लिए कपड़ा क्रय में निर्धारित विकेंद्रीय व्यवस्था के विरुद्ध यूपी इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव एसोसिएशन लिमिटेड, 86 हजरतगंज लखनऊ से क्रय किए जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। ताकि चहेती फर्म को सीधे लाभ पहुंचाया जा सके। आरोप लगाया कि बीएसए द्वारा अपने अधीनस्थ बीईओ के जरिए विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को लगातार धमकी देकर मनगढ़ंत आरोपों में फंसाकर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। इसके कारण अध्यापकों में भारी रोष व्याप्त है। इसके लिए सीएम, सदस्य विधान परिषद, अपर मुख्य सचिव, महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक लखनऊ और डीएम को शिकायती पत्र भेजा है।

सरकार का निर्देश है कि किसी सरकारी संस्थान से ही कपड़े की खरीद की जाए। ग्राम शिक्षा समिति इसका निर्धारण करेगी। हमने तो पहले ही दो बीइओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा हुआ है। क्योंकि उनके द्वारा सेंट्रलाइज करने का कार्य किया जा रहा है। इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने पाएगी। लेकिन मैं इसके बारे जानकारी करता हूं।
राजेश कुमार, डीएम।
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