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Azamgarh News: महिला समूहों के दीयों से रोशन होंगे घर-आंगन

Mon, 12 Oct 2026 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:05 AM IST
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Homes and courtyards will be illuminated by the earthen lamps made by women's groups.
आजमगढ़। दिवाली पर घर-आंगन रोशन करने के साथ ही महिला समूहों की मेहनत भी बाजार में चमकेगी। आगामी त्योहार को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने विशिष्ट उत्पाद तैयार करने वाले महिला समूहों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए थोक दुकानदारों से संपर्क कर कारोबारी अनुबंध कराने की योजना बनाई गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों तक महिला समूहों के उत्पाद पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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इसके तहत प्रत्येक विकास खंड में दो से तीन महिला समूहों की ओर से मिट्टी के दीये तैयार किए जा रहे हैं। दिवाली पर मिट्टी के दीयों की मांग को देखते हुए इनके निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। महिला समूहों को दीये, मोमबत्तियां, तोहफे और सजावट से जुड़ी सामग्री तैयार कर बाजार में उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में करीब 50 महिला समूहों की 200 से 250 महिलाएं दिवाली पर घर-आंगन को रोशन करने के लिए दिन-रात विभिन्न उत्पाद तैयार करने में जुटी हैं। इन उत्पादों को बाजार में कंपनियों के उत्पादों की तरह पहचान दिलाने और अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए व्यापारियों से संपर्क करने के साथ ही बिक्री के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए त्योहार के दौरान बाजारों में स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे ग्राहकों को स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा। वहीं, महिला समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री से आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। एनआरएलएम की ओर से इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
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दीपोत्सव समूहों के लिए बड़ा अवसर होता है। इसमें खासकर दीये और मोमबत्ती की डिमांड ज्यादा रहती है। जिले के प्रत्येक ब्लॉक के इससे जुड़े समूहों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा उत्पाद बनाएं और घरेलू बाजारों में इसकी बिक्री करें। डॉ. आराधना त्रिपाठी, डीसी एनआरएलएम।
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