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ग्रामप्रधान होंगे सक्रिय तो गांव होंगे शिक्षित और टीबी मुक्त : राज्यपाल

Wed, 03 Nov 2021 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 12:09 AM IST
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Head educate the village, make Anganwadi free from tuberculosis
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोेमवार को कृषि महाविद्यालय कोटवा का निरीक्षण किया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री स्कूल किट दिया। वृद्घाश्रम के लिए भी सामग्री भेंट की। उन्होेंने कहा कि प्रधानों की सक्रियता से गांव शिक्षित और क्षय रोग मुक्त होगा।
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आदर्श गांव के निर्माण के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व ग्राम प्रधानों को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पैसे वाले निजी स्कूलों में बच्चों को भेज रहे हैं लेकिन सरकारी स्कूलों में लोग बच्चों को नहीं भेजना चाहते हैं। सरकारी स्कूलों में सुविधाएं होंगी तो वहां भी बच्चे आएंगे। इस मौके पर उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 15 हजार रुपये कीमत के प्री स्कूल किट दिए और कहा कि कोई बच्चा कुपषित नहीं रहना चाहिए। करीब 20 लाख 25 हजार रुपये कीमत के प्री स्कूल किट 135 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में बांटे गए। उन्होंने वृद्घाश्रम को दो लाख 35 हजार रुपये की लागत से कूलर, वाशिंग मशीन, आरओ, वाटर प्यूरीफायर, टीवी व गीजर आदि भेंट किए। उन्होंने कहा कि गांवों को शिक्षित और क्षय रोग मुक्त बनाने से ही गांव आदर्श बनेगा। उन्होंने कहा कि आज 22 प्रतिशत युवा ही कॉलेज जा रहे हैं जबकि 2030 तक 50 फीसदी युवा वर्ग को कॉलेज भेजने का लक्ष्य है। प्रदेश में 50,000 कॉलेज हैं और 58,000 ग्राम पंचायतें। हर पंचायत एक कॉलेज को गोद ले ले तो इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले 10 विद्यालयों पूर्वांचल विश्वविद्यालय से सम्बद्ध छह महाविद्यालयों व आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय एवं उससे सम्बद्ध दो महाविद्यालयों को प्रमाण पत्र दिया
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राज्यपाल ने कुपोषण के खिलाफ जंग छेड़ने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कहा कि आंगनबाड़ी बच्चों के पोषण के लिए काम करें क्योंकि हर 53 सेकेंड में 80 लाख बच्चो की मौत हो जाती है। गर्भवती महिलाओं को जागरूक करें कि समय से अस्पताल ले जाकर जांच कराएं। ग्राम प्रधानों से कहा कि वे अपने गांव में शांति समिति बनाएं और उसके जरिए छोटे-मोटे मामले में हल करें। गांव को टीबी, कुपोषण, बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों से मुक्त कराएं। गांव में तीन वर्ष तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं होगी तो एक लाख रुपये विकास के लिए दिए जाएंगे।
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जिलाधिकारी राजेश कुमार ने राज्यपाल को औषधीय पौधा भेंट किया। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्याल के कुलपति डॉ. बीजेंद्र सिंह, विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने विचार व्यक्त किए। संचालन अर्चना सतीश और धन्यवाद ज्ञापन मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने किया। कृषि महाविद्यालय कोटवा के डीन प्रो. डीके सिंह, कृषि महाविद्यालय कोटवा के असिस्टेंट प्रो. डा. एके सिंह, डीआईजी अखिलेश कुमार, पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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