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कभी भी ठप हो सकती है शहर की सफाई व्यवस्था
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आजमगढ़। शहर की सफाई व्यवस्था कभी भी ठप हो सकती है। ऐसा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण होगा सकता है। संविदा सफाई कर्मियों का दो माह से वेतन बकाया है, जिसे लेकर ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारी अब हड़ताल पर जाने का मन बना रहे है। सेवा प्रदाता को तो कर्मचारी चेतावनी पत्र दे चुके है तो वहीं अब नपा परिसर में कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन की भी तैयारी चल रही है। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। नगर पालिका परिषद में कुल 25 वार्ड है। इनमें आठ वार्डों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से सेवा प्रदाता के माध्यम से करायी जाती है। वहीं शेष वार्र्डों में नगर पालिका के नियमित व संविदा कर्मी सफाई व्यवस्था देख रहे है। ठेकेदारी व्यवस्था वाले वार्डों में सिविल लाइंस, रैदोपुर, सिधारी पूर्वी, सिधारी पश्चिमी, सर्फुद्दीनपुर, हरवंशपुर, नरौली व मड़या वार्ड है। इन वार्डों का ठेका संतोष सिंह के नाम पर है। वर्तमान में सेवा प्रदाता को जनवरी 2022 से नगर पालिका द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। जबकि सेवा प्रदाता ने अपने पास से कर्मचारियों का जनवरी से मई 2022 तक का भुगतान कर दिया है। वर्तमान में कर्मचारियों का जून और जुलाई का बकाया है। उधर, नपा ने कहा की उसके पास बजट नहीं है तो भुगतान कहां से करें। जब शासन से बजट उपलब्ध होगा तभी हम भुगतान कर सकेंगे।
सफाई कर्मचारियों का बयान
दो माह से वेतन बकाया होने से हम कर्मचारियों के समक्ष भुखमरी की समस्या खड़ी हो गई है। ठेकेदार जहां नपा से पैसा मिलने के बाद ही भुगतान की बात कह रहे है तो वहीं नपा प्रशासन कुछ सुनने को तैयार नहीं है। - उषा देवी, सफाई कर्मचारी।
हम तो छोटे कर्मचारी है, जो वेतन मिलता है, उसी से किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहे है। समय से भुगतान न होने के चलते काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पांच तक भुगतान नहीं हुआ तो हड़ताल करेंगे। - महिमा, सफाई कर्मचारी।
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नपा प्रशासन समय से ठेकेदार को पैसा नहीं दे रहा है। जिसके चलते समस्या हम छोटे कर्मचारियों के समक्ष आ रही है। दो माह का वेतन बकाया है, यदि अब वेतन नहीं मिला तो हम नपा में धरना देंगे और काम नहीं करेंगे। - विजय, सफाई कर्मचारी।
पता नहीं काहे हमें समय से वेतन का भुगतान नहीं होता है। ठेकेदार कहते है नपा पैसा नहीं दे रहा है। जब काम ले रहे है तो पैसा देना चाहिए ताकि हमें समय से वेतन मिल सके। लगता है अब हड़ताल करना ही पड़ेगा। मो. जैनुद्दीन, सफाई कर्मचारी
ठेकेदार का बयान
हमारा नवंबर 2021 से बकाया चल रहा है। नवंबर व दिसंबर में नपा ने सिर्फ पारिश्रमिक का भुगतान किया है। संसाधन का बकाया है और जनवरी 2022 से तो न तो पारिश्रमिक न ही संसाधन के मद में ही नपा ने भुगतान किया है। बीते पांच माह का कर्मचारियों का परिश्रमिक हमने अपने पास से दिया है। जून व वर्तमान माह का बकाया है। नपा से भुगतान मिलते ही कर्मचारियों का भुगतान कर देंगे। कर्मचारी अब काम ठप करने की चेतावनी दे रहे है। - संतोष सिंह, सेवा प्रदाता।
इस मामले में नगर पालिका के ईओ मनोज कुमार ने कहा कि बजट हमारे पास उपलब्ध ही नहीं है तो हम कहा से भुगतान करें। सेवा प्रदाता का सात माह से बकाया है। इन्हें एक-दो माह का भुगतान न मिलने के बाद ही सरेंडर कर देना चाहिए था। तब नपा अपनी व्यवस्था के तहत सफाई व्यवस्था को संचालित करती। जब शासन से बजट उपलब्ध होगा तभी हम भुगतान कर सकेंगे। ऐसे कर्मचारी हड़ताल करें या धरना प्रदर्शन हम कुछ नहीं कर सकते है।
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सफाई कर्मचारियों का बयान
दो माह से वेतन बकाया होने से हम कर्मचारियों के समक्ष भुखमरी की समस्या खड़ी हो गई है। ठेकेदार जहां नपा से पैसा मिलने के बाद ही भुगतान की बात कह रहे है तो वहीं नपा प्रशासन कुछ सुनने को तैयार नहीं है। - उषा देवी, सफाई कर्मचारी।
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हम तो छोटे कर्मचारी है, जो वेतन मिलता है, उसी से किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहे है। समय से भुगतान न होने के चलते काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पांच तक भुगतान नहीं हुआ तो हड़ताल करेंगे। - महिमा, सफाई कर्मचारी।
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नपा प्रशासन समय से ठेकेदार को पैसा नहीं दे रहा है। जिसके चलते समस्या हम छोटे कर्मचारियों के समक्ष आ रही है। दो माह का वेतन बकाया है, यदि अब वेतन नहीं मिला तो हम नपा में धरना देंगे और काम नहीं करेंगे। - विजय, सफाई कर्मचारी।
पता नहीं काहे हमें समय से वेतन का भुगतान नहीं होता है। ठेकेदार कहते है नपा पैसा नहीं दे रहा है। जब काम ले रहे है तो पैसा देना चाहिए ताकि हमें समय से वेतन मिल सके। लगता है अब हड़ताल करना ही पड़ेगा। मो. जैनुद्दीन, सफाई कर्मचारी
ठेकेदार का बयान
हमारा नवंबर 2021 से बकाया चल रहा है। नवंबर व दिसंबर में नपा ने सिर्फ पारिश्रमिक का भुगतान किया है। संसाधन का बकाया है और जनवरी 2022 से तो न तो पारिश्रमिक न ही संसाधन के मद में ही नपा ने भुगतान किया है। बीते पांच माह का कर्मचारियों का परिश्रमिक हमने अपने पास से दिया है। जून व वर्तमान माह का बकाया है। नपा से भुगतान मिलते ही कर्मचारियों का भुगतान कर देंगे। कर्मचारी अब काम ठप करने की चेतावनी दे रहे है। - संतोष सिंह, सेवा प्रदाता।
इस मामले में नगर पालिका के ईओ मनोज कुमार ने कहा कि बजट हमारे पास उपलब्ध ही नहीं है तो हम कहा से भुगतान करें। सेवा प्रदाता का सात माह से बकाया है। इन्हें एक-दो माह का भुगतान न मिलने के बाद ही सरेंडर कर देना चाहिए था। तब नपा अपनी व्यवस्था के तहत सफाई व्यवस्था को संचालित करती। जब शासन से बजट उपलब्ध होगा तभी हम भुगतान कर सकेंगे। ऐसे कर्मचारी हड़ताल करें या धरना प्रदर्शन हम कुछ नहीं कर सकते है।