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फसल देख लगा सदमा, मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 17 Apr 2015 12:22 AM IST
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लालगंज तहसील क्षेत्र के बउंवापार गांव निवासी किसान शिवचरन चौहान (50) गुरुवार की सुबह अपने खेत पर गए थे। खेत में काटकर रखी फसल को अंकुरित होते देख उन्हें गहरा सदमा लगा और वे घर लौट आए। थोड़ी देर बाद उनकी हृदय गति रुकने से मौत हो गई। किसान की मौत की सूचना के बाद एसडीएम लालगंज उनके घर पहुंचकर परिवारवालों को सांत्वना दी। इसके अलावा सांसद नीलम सोनकर, विधायक बेचई सरोज सहित अन्य राजनैतिक दलों के नेता भी पहुंचे थे।
शिवचरन चौहान पुत्र स्व. रघुनाथ ने अपने एक एकड़ खेत में गेहूं बोया था। फसल तैयार हुई, इसके बाद से बरसात शुरू हो गई। मौसम साफ हुआ तो शिवचरन ने कटाई शुरू कराई। जिस दिन शिवचरन ने फसल को काटा, दूसरे ही दिन से बरसात होने लगी, रुक रुक कर वर्षा होने से काटकर खेत में छोड़ी गई फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई।
हालांकि शिवचरन ने एकाध बार डांढ को उलटा-पलटा जरूर था।
इसके बाद भी फसल नमी के चलते अंकुरित हो गई। गुरुवार की सुबह वह खेत गए तो वहां फसलों को अंकुरित हुआ देख उन्हें गहरा झटका लगा। बताया जाता है सुबह आठ बजे के करीब वह खेत से वापस लौटे। इसके बाद पत्नी से फसल के बारे में बता ही रहे थे कि इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
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शिवचरन की मौत की सूचना पलभर में क्षेत्र में फैल गई। बाद में सूचना मिलने पर एसडीएम लालगंज शीतला प्रसाद यादव मय राजस्व टीम के शिवचरन के घर पहुंचे।
एसडीएम ने फसलों का मुआयना किया। साथ ही मृत किसान के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, किसान शिवचरन की मौत से गांव में भी सदमा है। लोग दैवी आपदा की इस मार से मर्माहत हैं। अब वह भगवान से अपने अच्छे की प्रार्थना कर रहे हैं।
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शिवचरन चौहान पुत्र स्व. रघुनाथ ने अपने एक एकड़ खेत में गेहूं बोया था। फसल तैयार हुई, इसके बाद से बरसात शुरू हो गई। मौसम साफ हुआ तो शिवचरन ने कटाई शुरू कराई। जिस दिन शिवचरन ने फसल को काटा, दूसरे ही दिन से बरसात होने लगी, रुक रुक कर वर्षा होने से काटकर खेत में छोड़ी गई फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई।
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हालांकि शिवचरन ने एकाध बार डांढ को उलटा-पलटा जरूर था।
इसके बाद भी फसल नमी के चलते अंकुरित हो गई। गुरुवार की सुबह वह खेत गए तो वहां फसलों को अंकुरित हुआ देख उन्हें गहरा झटका लगा। बताया जाता है सुबह आठ बजे के करीब वह खेत से वापस लौटे। इसके बाद पत्नी से फसल के बारे में बता ही रहे थे कि इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
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शिवचरन की मौत की सूचना पलभर में क्षेत्र में फैल गई। बाद में सूचना मिलने पर एसडीएम लालगंज शीतला प्रसाद यादव मय राजस्व टीम के शिवचरन के घर पहुंचे।
एसडीएम ने फसलों का मुआयना किया। साथ ही मृत किसान के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, किसान शिवचरन की मौत से गांव में भी सदमा है। लोग दैवी आपदा की इस मार से मर्माहत हैं। अब वह भगवान से अपने अच्छे की प्रार्थना कर रहे हैं।