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आजाद गढ़ का रहस्य जानना चाह रही गुजरात पुलिस

Sat, 07 Sep 2019 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2019 10:57 PM IST
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Gujarat police wants to know secret of Azadgarh through Shahid Badr
आजमगढ़। प्रतिबंधित संगठन सिमी के संस्थापक सदस्य शाहिद बद्र फलाही से पूछताछ कर गुजरात पुलिस इस रहस्य का पता लगाना चाह रही कि उसने अपने जिले का नाम आजादगढ़ क्यों बताया था। इस कोड के जरिये अंदर ही अंदर कोई बड़ा अभियान तो नहीं चल रहा। शाहिद बद्र के जरिये पुलिस भारत-पाक आतंकियों के गठजोड़ का सुराग लगने का भी अनुमान लगा रही है। वो इसलिए कि गुजरात का भुज-कच्छ क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। दोनों देशों के बीच मौजूद हरामी नाले का फायदा दोनों देश के संदिग्ध उठाते हैं।
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गुजरात कोर्ट की ओर से जारी वारंट के मुताबिक भुज सिटी थाने की पुलिस पांच अक्तूबर 2012 से शाहिद बद्र फलाही को तलाश रही है। मामले ने तब और जोर पकड़ लिया जब सरकार ने जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 370 और 35 ए खत्म कर दिया। अनुच्छेद खत्म होने से पड़ोसी देश पाकिस्तान बौखलाहट में षड्यंत्र रच रहा है। शाहिद को गिरफ्तार करने आए भुज सिटी थाने के उपनिरीक्षक युवराज सिंह प्रवीण जडेजा आजमगढ़ प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। तथ्यों से अवगत कराते हुए बताया कि भुज कच्छ समुद्र तल से नीचे है। यहां दलदलीय क्षेत्र भी है। दोनों देशों के बीच हरामी नाला बहता है। यह नाला कभी कटान के चलते पाकिस्तान की सीमा में चला जाता है, तो कभी भारत की सीमा में प्रवेश कर लेता है। शाहिद बद्र ने भुज में काफी दिनों तक सक्रियता से काम किया है। शाहिद से पूछताछ के जरिये उसके पुराने साथियों के विषय में जानकारी हो सकती है कि मौजूदा वक्त में वो क्या कर रहे हैं। क्योंकि पुराने रिकार्ड के मुताबिक सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद उन्होंने दूसरे संगठनों से हाथ मिला लिया है। इन लोगों से पूछताछ और इनके विषय में जानकारी लगाना आवश्यक है।
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ऐसे लगा बद्र सलाही बद आलम का सुराग
गुजरात के भुज कच्छ में प्रतिबंधित संगठन सिमी ने धार्मिक सम्मेलन किया था। इस दौरान भड़काऊ भाषण भी हुए थे। पुलिस ने 18 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया था। 17 लोग गुजरात के थे जो मिल गए। जबकि शाहिद बद्र फलाही ने अपना नाम बद्र सलाही बद आलम लिखवाया था। जिले का नाम आजमगढ़ की बजाय आजादगढ़ और गांव का नाम भी गलत बताया था। शाहिद बद्र फलाही के फरारी को लेकर सख्ती बरती गई तो पुलिस ने एड़ीचोटी का जोर लगा दिया। गूगल पर शाहिद के द्वारा बताए गए जिले का नाम और उससे मिलते-जुलते जिले का नाम सर्च किया गया। इसके लिए पूर्व में भी गोपनीय तरीके से पता लगाने के बाद घर पर छापा मारकर उसे हिरासत में लिया गया।
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