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कलेक्ट्रेट भवन में पहुंची राज्यपाल, देखीं प्रदर्शनी
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आजमगढ़। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सोमवार को एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित निजामाबाद की ब्लैक पाटरी और मुबारकपुर की सिल्क साड़ियों को देखा। उन्होंने कारीगरों के हुनर को सराहा। उनको और बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
राज्यपाल शाम 3.50 बजे को महराजगंज से हेलिकाप्टर से पुलिस लाइन पहुंचीं। वहां से सीधे कलेक्ट्रेट भवन में ओडीओपी उत्पादों और स्वयं सहायता समूह की उत्पादित सामग्री की प्रदर्शनी देखने पहुंची। उन्होंने हर स्टाल पर जाकर उत्पाद के संबंध में जानकारी ली और शिल्पियों का उत्साहवर्धन किया। उसके बाद स्वयं सेवी संगठनों और अधिकारियों के साथ बैठक की। भारत विकास परिषद के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी संस्था ने दो बीमार बच्चों को गोद लेकर उनका इलाज कराया। बीमार बच्चों का इलाज कराने के लिए संस्था तैयार है। वहां से शाम पांच बजे राज्यपाल मंडलीय कारागार के लिए रवाना हो गईं, जहां उन्होंने बंदियों से समस्या पूछी।
कलेक्ट्रेट परिसर को चारों तरफ से पुलिस ने घेर रखा था, किसी को भी उधर से जाने की इजाजत नहीं थी। सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नरौली, सिधारी के साथ ही कलेक्ट्रेट तक की सारी दुकानों को बंद करा दिया गया था।
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बंदरों को भगाने में पुलिस कर्मियों को छूटे पसीने
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट क्षेत्र में बंदरों का आंतक काफी है। राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर पुलिस बल की काफी संख्या में तैनाती की गई थी। बंदरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने का प्रयास किया लेकिन पुलिस कर्मी पूरे दिन उन्हें भगाते रहे ताकि राज्यपाल के कार्यक्रम में किसी प्रकार का विघ्न न पड़े।
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राज्यपाल शाम 3.50 बजे को महराजगंज से हेलिकाप्टर से पुलिस लाइन पहुंचीं। वहां से सीधे कलेक्ट्रेट भवन में ओडीओपी उत्पादों और स्वयं सहायता समूह की उत्पादित सामग्री की प्रदर्शनी देखने पहुंची। उन्होंने हर स्टाल पर जाकर उत्पाद के संबंध में जानकारी ली और शिल्पियों का उत्साहवर्धन किया। उसके बाद स्वयं सेवी संगठनों और अधिकारियों के साथ बैठक की। भारत विकास परिषद के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी संस्था ने दो बीमार बच्चों को गोद लेकर उनका इलाज कराया। बीमार बच्चों का इलाज कराने के लिए संस्था तैयार है। वहां से शाम पांच बजे राज्यपाल मंडलीय कारागार के लिए रवाना हो गईं, जहां उन्होंने बंदियों से समस्या पूछी।
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कलेक्ट्रेट परिसर को चारों तरफ से पुलिस ने घेर रखा था, किसी को भी उधर से जाने की इजाजत नहीं थी। सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नरौली, सिधारी के साथ ही कलेक्ट्रेट तक की सारी दुकानों को बंद करा दिया गया था।
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बंदरों को भगाने में पुलिस कर्मियों को छूटे पसीने
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट क्षेत्र में बंदरों का आंतक काफी है। राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर पुलिस बल की काफी संख्या में तैनाती की गई थी। बंदरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने का प्रयास किया लेकिन पुलिस कर्मी पूरे दिन उन्हें भगाते रहे ताकि राज्यपाल के कार्यक्रम में किसी प्रकार का विघ्न न पड़े।