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प्रति घंटे एक सेमी की रफ़्तार से घट रही घाघरा

Fri, 09 Jul 2021 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 11:09 PM IST
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Ghagra decreasing at the speed of one cm per hour
आजमगढ़। घाघरा के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। प्रतिघंटे एक सेमी की रफ्तार का नदी का जलस्तर नीचे भाग रहा है। जलस्तर में कमी के कारण बगहवा में कटान थम गई है। जिससे ग्रामीणों की राहत की सांस ली है। लेकिन गांगेपुर और परसिया में नदी द्वारा कटान की जा रही है।
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बृहस्पतिवार से घाघरा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। नदी का घटाव इसी रफ्तार से 24 घंटे और जारी रहा तो जलस्तर निर्धारित बिंदु से नीचे चला जाएगा। जनपद के उत्तरी छोर पर प्रवाहित घाघरा नदी का जलस्तर सोमवार से एकाएक बढ़ने लगा था। नदी के बढ़ने से लोगों में बेचैनी बढ़ गई थी। महुला गढ़वल बांध के उत्तरी हिस्से में स्थित साधु का पुरवा, झगरहवा और बगहवा में कटान भी शुरू हो गई थी। बगहवा गांव में चार घर कट कर नदी में समाहित हो चुके हैं। साधु का पूरा के 50 घर, झगरहवा के 40 घर और इतने ही परिवार बगहवा के भी नदी के मुहाने पर पहुंच गए हैं। नदी का तनिक भी जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों के लोगों की धड़कन और चिंता बढ़ जाती है। पिछले दो दिनों से नदी के जलस्तर में आ रही कमी से लोगों ने राहत महसूस की है। पानी का जलस्तर घटने के बाद भी गांगेपुर परसिया में किसानों की कृषि योग्य भूमि लगातार कट कर नदी में विलीन हो रही है। किसान परेशान हैं। इनकी हालात सुनने और देखने को कोई भी तैयार नहीं है। नदी की जलधारा ने कुढ़वा गांगेपुर रिंग बांध को घाघरा नदी पहले ही काट दिया है। रिंग बांध के अंदर स्थित 120 बीघा जमीन में बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो रही है। अपनी खड़ी फसल नष्ट होते किसान देख रहा है। लेकिन कुछ कर नहीं पा रहा है। जिला पंचायत से बने इस रिंग बंधे की मरम्मत भी करने को कोई तैयार नहीं है। परसिया बांध के टूट जाने से भी लगभग डेढ़ सौ बीघे खड़ी फसल बर्बादी की कगार पर है। घाघरा नदी के जलस्तर में आई कमी से किसानों के चिंता की लकीरें थोड़ी कम जरूर हुई हैं। लेकिन जलस्तर के बढ़ने का भय उन्हें लगातार सता रहा है।
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