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डिघिया नाले पर लाल निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंची घाघरा
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सगड़ी के सुनहरा घाट पर घाघरा का पानी भरने से ग्रामीण परेशान।
- फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी डिघिया नाले पर लाल निशान से 15 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं बदरहुंआ नाले पर नदी लाल निशान से 18 सेमी नीचे बह रही है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो विगत दो से तीन दिन तक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी रहेगी। क्योंकि शारदा बैराज और गिरजाघर बैराज से 242000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।
जनपद के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में बुधवार को दोनों गेज पर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। कई गांवों में नदी तेजी से कटान कर रही है। कई गांवों में घाघरा का पानी पसरा हुआ है। इस कारण उन गांवों के लोग अब अपना सामान समेटकर दूसरी जगह आशियाना बसाने कर तैयारी कर रहे हैं। एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से टूट चुका है। विगत 24 घंटा में नदी के जलस्तर में 40 से 44 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बदरहुंआ नाले पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 71.10 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 40 सेमी बढ़कर 71.50 मीटर पर आ गया। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 70.11 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 44 सेमी बढ़कर 70.55 मीटर पर आ गया। बदरहुंआ में नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया में खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। नदी द्वारा कटान जारी है। गावों के संपर्क मार्ग डूब रहे हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण सोनौरा, अजगरा मगर्वी, अराजी अजगरा,शाहडीह, बांका आदि गांवों का संपर्क मार्ग छोटी सरयू में पानी भरने से टूट गया है।
ग्रामीणों की बढ़ी समस्या, प्रशासन मौन
शाहडीह और सोनौरा ढ़ाले पर नाव न चलने से दर्जन भर गांव के लोगों के समस्या पैदा हो गई है। नाव ना होने से सोनौरा गांव के आमिरचंद यादव, मिठाई लाल, राजदेव, विजई, राम नयन आदि का कहना है कि पानी से संपर्क मार्ग डूब गया है। जिससे लगभग सात किमी बेलहिया ढ़ाला होकर एमजी बांध पर पहुंचा जा रहा है। नाव होती तो समय से और जल्दी लोग पहुंच जाते। नाव का अभाव बना हुआ है। जबकि खरैलिया घाट पर नाव चलती थी और शाहडीह पर भी चलाई जाती है। नाव ना होने से समस्या बढ़ गई है।
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लाल निशान के पार घाघरा, बाढ़ चौकियां बंद
जनपद में घाघरा नदी खतरा निशान से उपर बह रही है। फिर भी अभी तक बाढ़ चौकियों को संचालित नहीं किया गया है। बाढ़ चौकियां अब तक एक्टिव ना होने से समस्या बढ़ती जा रही हैं और तहसील प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। प्रशासन की ओर से कुल 10 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जिसमें महुला ,गागेपुर, हाजीपुर, जमुवारी, ईश्माइलपुर, हैदराबाद, कुणही, शिवपुर, उल्टहवा, सहदेवगंज है।
बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। स्थितियों पर बारीक नजर रखी जा रही है।आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ चौकियों को एक्टिव किया जाएगा।
अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम सगड़ी।
नदी में शारदा बैराज और गिरजाघर बैराज से 242000 पानी छोड़ा गया है। दो तीन दिन तक घाघरा बढ़ेगी। बंधे की मजबूती के लिए मिट्टी का स्टॉक बोरी का स्टाक पूरा है और सब उपाय कर लिए गए हैं। बंधे में बने रैनकट को भरा जा रहा है। साही द्वारा बनाए गए होल को भी खोज खोज कर भरा जा रहा है। जिससे बंधे की सुरक्षा बनी रहे। बंधा पूर्ण रूप से सुरक्षित है।
दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़खंड।
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जनपद के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में बुधवार को दोनों गेज पर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। कई गांवों में नदी तेजी से कटान कर रही है। कई गांवों में घाघरा का पानी पसरा हुआ है। इस कारण उन गांवों के लोग अब अपना सामान समेटकर दूसरी जगह आशियाना बसाने कर तैयारी कर रहे हैं। एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से टूट चुका है। विगत 24 घंटा में नदी के जलस्तर में 40 से 44 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बदरहुंआ नाले पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 71.10 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 40 सेमी बढ़कर 71.50 मीटर पर आ गया। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 70.11 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 44 सेमी बढ़कर 70.55 मीटर पर आ गया। बदरहुंआ में नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया में खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। नदी द्वारा कटान जारी है। गावों के संपर्क मार्ग डूब रहे हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण सोनौरा, अजगरा मगर्वी, अराजी अजगरा,शाहडीह, बांका आदि गांवों का संपर्क मार्ग छोटी सरयू में पानी भरने से टूट गया है।
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ग्रामीणों की बढ़ी समस्या, प्रशासन मौन
शाहडीह और सोनौरा ढ़ाले पर नाव न चलने से दर्जन भर गांव के लोगों के समस्या पैदा हो गई है। नाव ना होने से सोनौरा गांव के आमिरचंद यादव, मिठाई लाल, राजदेव, विजई, राम नयन आदि का कहना है कि पानी से संपर्क मार्ग डूब गया है। जिससे लगभग सात किमी बेलहिया ढ़ाला होकर एमजी बांध पर पहुंचा जा रहा है। नाव होती तो समय से और जल्दी लोग पहुंच जाते। नाव का अभाव बना हुआ है। जबकि खरैलिया घाट पर नाव चलती थी और शाहडीह पर भी चलाई जाती है। नाव ना होने से समस्या बढ़ गई है।
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लाल निशान के पार घाघरा, बाढ़ चौकियां बंद
जनपद में घाघरा नदी खतरा निशान से उपर बह रही है। फिर भी अभी तक बाढ़ चौकियों को संचालित नहीं किया गया है। बाढ़ चौकियां अब तक एक्टिव ना होने से समस्या बढ़ती जा रही हैं और तहसील प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। प्रशासन की ओर से कुल 10 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जिसमें महुला ,गागेपुर, हाजीपुर, जमुवारी, ईश्माइलपुर, हैदराबाद, कुणही, शिवपुर, उल्टहवा, सहदेवगंज है।
बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। स्थितियों पर बारीक नजर रखी जा रही है।आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ चौकियों को एक्टिव किया जाएगा।
अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम सगड़ी।
नदी में शारदा बैराज और गिरजाघर बैराज से 242000 पानी छोड़ा गया है। दो तीन दिन तक घाघरा बढ़ेगी। बंधे की मजबूती के लिए मिट्टी का स्टॉक बोरी का स्टाक पूरा है और सब उपाय कर लिए गए हैं। बंधे में बने रैनकट को भरा जा रहा है। साही द्वारा बनाए गए होल को भी खोज खोज कर भरा जा रहा है। जिससे बंधे की सुरक्षा बनी रहे। बंधा पूर्ण रूप से सुरक्षित है।
दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़खंड।