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Azamgarh News: कोटेदार की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा , दुकान का लाइसेंस निरस्त
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अंबारी। माहुल के उचित दर विक्रेता मो. राशिद की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा मिलने पर एसडीएम ने कोटेदार की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निरस्त दुकान से नगर पंचायत की दूसरी उचित दर विक्रेता के दुकान से संबद्ध कर दिया गया।
अतरौलिया के भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा और राजेश पांडेय निवासी अतरडीहा, ब्लाॅक अहरौला ने मंडलायुक्त और डीएम को अगस्त 2025 में शिकायती पत्र दिया था। शिकायत में कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। एसडीएम फूलपुर अशोक कुमार ने बताया कि कई स्तर से जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि कोटेदार ने नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं।
न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे। नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो उचित दर विक्रेता की दुकानों का आवंटन नहीं हो सकता।
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जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। परिवार रजिस्टर में भी विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
नायब तहसीलदार फूलपुर राजाराम की जांच रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद एसडीएम अशोक कुमार ने दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जब्त कर लिया। संवाद
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अतरौलिया के भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा और राजेश पांडेय निवासी अतरडीहा, ब्लाॅक अहरौला ने मंडलायुक्त और डीएम को अगस्त 2025 में शिकायती पत्र दिया था। शिकायत में कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। एसडीएम फूलपुर अशोक कुमार ने बताया कि कई स्तर से जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि कोटेदार ने नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं।
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न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे। नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो उचित दर विक्रेता की दुकानों का आवंटन नहीं हो सकता।
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जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। परिवार रजिस्टर में भी विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
नायब तहसीलदार फूलपुर राजाराम की जांच रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद एसडीएम अशोक कुमार ने दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जब्त कर लिया। संवाद