यूपी: कुंटू सिंह के नाम पर रंगदारी वसूलने का आरोप, चार पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई; हत्या करने की धमकी भी दी
जीयनपुर थाने में माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के नाम पर रंगदारी वसूली और संगठित अपराध के आरोप में अब्दुल हई समेत चार लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कारोबारी से तीन लाख रुपये मांगने और हत्या की धमकी देने के मामले में पहले आरोपपत्र दाखिल हो चुका है।
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आजमगढ़ में माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के नाम पर संगठित अपराध और रंगदारी वसूली करने के आरोप में जीयनपुर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना अब्दुल हई है। उसके साथ सरफराज उर्फ अशहद, फैसल खान और सोएब को गिरोह का सदस्य बताया गया है। आरोप है कि गिरोह आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए संगठित अपराध करता था और कुंटू सिंह के नाम पर अवैध धन की वसूली करता था।
थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने 21 अगस्त 2026 को गैंग चार्ट को मंजूरी दी थी। इसके आधार पर 16 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। गिरोह का सरगना अब्दुल हई अतरकच्छा बरडीहा का निवासी है
तीन लाख रुपये मांगने और धमकी देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत अक्तूबर 2024 में कारोबारी अब्दुल रहमान की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चारों लोगों ने उनसे तीन लाख रुपये की मांग की थी। रकम नहीं देने पर हत्या कराने की धमकी दी गई थी। भय के कारण छह अक्तूबर 2024 को गांव में अलीसरवर की चक्की के पास सरफराज उर्फ अशहद को एक लाख रुपये देने की बात कही गई।
इसके बाद 18 अक्तूबर को अतरकच्छा से बरडीहा जाने वाले मार्ग पर कब्रिस्तान के सामने अब्दुल हई, फैसल खान और सोएब को शेष दो लाख रुपये देने का आरोप लगाया गया। शिकायत के अनुसार, इसके बाद भी आरोपियों ने और रुपये मांगे और ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के मुकदमे के लिए धन की जरूरत बताई।
विवेचना के बाद दर्ज हुआ गैंगस्टर का मुकदमा
इस मामले में जीयनपुर थाने में पहले भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए 15 जुलाई 2025 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-12, आजमगढ़ में विचाराधीन है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की कथित गतिविधियों को देखते हुए 12 फरवरी 2026 को गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए गैंग चार्ट तैयार कर अनुमोदन के लिए भेजा गया था। जिलाधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद अब चारों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत नई प्राथमिकी दर्ज की गई है।