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Azamgarh News: मौसम में बदलाव से बढ़े बुखार और जुकाम के मरीज
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महिला अस्पताल में बच्चे की जांच करते डॉ. सुमित कुमार। संवाद
दिन में धूप और गर्मी, जबकि रात में ठंडक के कारण जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी उम्र के लोग इन समस्याओं से परेशान हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीजों की ओपीडी हो रही है। इसमें करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीज इस समस्या से परेशान रहते हैं, वहीं महिला अस्पताल में ऐसे करीब 40 प्रतिशत बच्चे आ रहे हैं।
इस समय दिन और रात के तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस का अंतर हो जा रहा है। दिन में जहां अच्छी धूप होने से तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, वहीं रात में घटकर 21 से 22 डिग्री सेल्सियस पर आ जा रहा है।
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इससे रात में सिहरन हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण जिला और महिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार और गले में खराश वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में 10 से 15 फीसदी मरीज इससे परेशान हैं।
मौसम में बदलाव के कारण लोगों को नाक बहने, छींक आने, गले में खराश, खांसी और बुखार की शिकायत हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव से सबसे ज्यादा बच्चे परेशान हैं। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित कुमार ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। इसमें 40 फीसदी बच्चों में सर्दी, जुकाम और गले में खराश की समस्या रहती है।
इनको दवा देने के साथ अभिभावकों को बच्चों की सेहत का ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे मौसम में सुबह-शाम ठंड से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने की जरूरत है।
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जुकाम-बुखार के लक्षण-
- नाक बहना, बंद होना और बार-बार छींक आना।
- गले में खराश, दर्द या निगलने में परेशानी।
- बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और कमजोरी।
- सूखी या बलगम वाली खांसी।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
- भूख कम लगना और थकान महसूस होना।
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जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीजों की ओपीडी हो रही है। इसमें करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीज इस समस्या से परेशान रहते हैं, वहीं महिला अस्पताल में ऐसे करीब 40 प्रतिशत बच्चे आ रहे हैं।
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इस समय दिन और रात के तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस का अंतर हो जा रहा है। दिन में जहां अच्छी धूप होने से तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, वहीं रात में घटकर 21 से 22 डिग्री सेल्सियस पर आ जा रहा है।
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इससे रात में सिहरन हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण जिला और महिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार और गले में खराश वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में 10 से 15 फीसदी मरीज इससे परेशान हैं।
मौसम में बदलाव के कारण लोगों को नाक बहने, छींक आने, गले में खराश, खांसी और बुखार की शिकायत हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव से सबसे ज्यादा बच्चे परेशान हैं। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित कुमार ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। इसमें 40 फीसदी बच्चों में सर्दी, जुकाम और गले में खराश की समस्या रहती है।
इनको दवा देने के साथ अभिभावकों को बच्चों की सेहत का ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे मौसम में सुबह-शाम ठंड से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने की जरूरत है।
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जुकाम-बुखार के लक्षण-
- नाक बहना, बंद होना और बार-बार छींक आना।
- गले में खराश, दर्द या निगलने में परेशानी।
- बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और कमजोरी।
- सूखी या बलगम वाली खांसी।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
- भूख कम लगना और थकान महसूस होना।