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पूर्व सांसद रमाकांत यादव के विवादित बोल, कहा- मैं मूर्ति पूजा का विरोधी, धर्म के नाम पर बनाया जा रहा लोगों को मूर्ख

Mon, 22 Jun 2020 07:32 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: विचित्र सिंह Updated Mon, 22 Jun 2020 07:32 PM IST
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Former MP Ramakant Yadav said people being made fools in the name of religion told themselves against idol worship
रमाकांत यादव। - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ के पूर्व सांसद एवं सपा नेता रमाकांत यादव अपने विवादित बयान से फिर सुर्खियां में हैं। सोमवार को उन्होंने कहा कि मैं मूर्ति पूजा का विरोध करता हूं। लोगों को मंदिर छोड़ शिक्षा के मंदिर में जाकर ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने सोमवार को अंबारी स्थित आवास पर कुछ युवकों  के हाथ से रक्षासूत्र को कटवा दिया। मामला घर से बाहर पहुंचा तो चर्चा का विषय बन गया।
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हिंदू धर्म से जुड़े विद्वानों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। रमाकांत यादव से मिलने के लिए सोमवार को क्षेत्र के 10-12 युवक अंबारी आवास पर पहुंचे थे। पूर्व सांसद ने युवकों के हाथों की कलाई मे बंधे रक्षासूत्र को कटवा दिया। इस बारे में रमाकांत यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर लोगों को गुलाम बनाया जा रहा है। लोग कब तक धर्म के नाम पर ठगे जाएंगे।
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मंदिर में मूर्ति की रक्षा देवता नहीं कर पाते वो हमारी रक्षा क्या करेंगे? मूर्ति पूजा करने वाला कभी डीएम या एसपी बन पाया है? हालांकि उन्होंने युवाओं को शिक्षा के प्रति अग्रसर होने और शिक्षा के मंदिर में जाकर ज्ञान लेने की भी सलाह दी। कहा कि इसी से समाज, देश और व्यक्ति का विकास होगा। ये तभी संभव है जब लोग पत्थर की मूर्ति वाले मंदिर में जाना छोड़ेंगे।
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युवक भ्रमित न हों इसलिए उनका रक्षासूत्र सूत्र कटवाते हुए शिक्षा के प्रति प्रेरित कर रहा हूं। वहीं, दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा का कहना है कि मुझे लगता है कि उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान नहीं है। आध्यात्मिक ज्ञान से ही संस्कार की उतपत्ति होती है। अध्यात्म का महात्म्य बहुत बड़ा है। हमारे ऋषियों मुनियों ने शोध करके जीवन जीने का ढंग बताया है। उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान की आवश्यकता है।
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