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Azamgarh News: रास्तों पर चढ़ने लगा बाढ़ का पानी
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सगड़ी तहसील के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में तेज गति से वृद्धि हो रही है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में हलचल बढ़ गयी है। उधर, बाढ़ का पानी रास्तों पर चढ़ने लगा है।
नदी अपने तटवर्ती गांव देवारा खास राजा के झगरहवा में कटान कर रही है। जल जमाव,मच्छरों का प्रकोप, नदी के किनारे के गांव में कटान सहित तमाम समस्याएं ग्रामीणों के सामने हैं। सोनौरा गांव निवासी विनोद राय ने बताया कि गांव के आसपास जल जमाव कई सप्ताह से लगा हुआ है। मच्छरों का प्रकोप गांव में बढ़ गया है जिसके कारण रात को लोग सो नहीं पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया है।
घाघरा नदी अपने किनारे को गांव के पास कटान कर रही है। देवारा खास राजा के झगरहवा में घाघरा नदी ने किसानों की 25 बीघा खेती की जमीन अब तक नदी काट चुकी है। जबकि चक्की हाजीपुर, देवाराखास खास राजा, शाहडीह, मानिकपुर, सोनौरा आदि गांव के संपर्क मार्ग के पानी से डूब गए है। पानी से होकर लोग आवागमन किया जा रहा है। रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी के लिए परेशानी हो रही है।
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बाढ़ क्षेत्र में बीमार पशुओं की सूचना पाकर देवाराखास राजा गांव के महाराज के पुरवा, में इंद्रासन, लल्लन और राजनाथ के पशुओं को इलाज करने पशु चिकित्सा अधिकारी हरैया सूर्य प्रकाश और पशुधन अधिकारी रामराज यादव पहुंचे।
घाघरा का जलस्तर
लाटघाट। बृहस्पतिवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.05 मीटर था। जो शुक्रवार की शाम को 23 सेमी बढ़कर 71.28 मीटर हो गया। यहां नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया गेज पर नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 10.27 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार की शाम 26 सेमी बढ़कर 70.53 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। यहां पर नदी खतरा बिंदू से 13 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा नदी में विभिन्न बैराजों से 282608 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसमें गिरिजा बैराज से 172973 क्यूसेक, शारदा बैराज से 109035 क्यूसेक और सरयू बैराज से 600 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिसके कारण नदी के जलस्तर में बढा़ेत्तरी देखने को मिल रही है।
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नदी अपने तटवर्ती गांव देवारा खास राजा के झगरहवा में कटान कर रही है। जल जमाव,मच्छरों का प्रकोप, नदी के किनारे के गांव में कटान सहित तमाम समस्याएं ग्रामीणों के सामने हैं। सोनौरा गांव निवासी विनोद राय ने बताया कि गांव के आसपास जल जमाव कई सप्ताह से लगा हुआ है। मच्छरों का प्रकोप गांव में बढ़ गया है जिसके कारण रात को लोग सो नहीं पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया है।
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घाघरा नदी अपने किनारे को गांव के पास कटान कर रही है। देवारा खास राजा के झगरहवा में घाघरा नदी ने किसानों की 25 बीघा खेती की जमीन अब तक नदी काट चुकी है। जबकि चक्की हाजीपुर, देवाराखास खास राजा, शाहडीह, मानिकपुर, सोनौरा आदि गांव के संपर्क मार्ग के पानी से डूब गए है। पानी से होकर लोग आवागमन किया जा रहा है। रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी के लिए परेशानी हो रही है।
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बाढ़ क्षेत्र में बीमार पशुओं की सूचना पाकर देवाराखास राजा गांव के महाराज के पुरवा, में इंद्रासन, लल्लन और राजनाथ के पशुओं को इलाज करने पशु चिकित्सा अधिकारी हरैया सूर्य प्रकाश और पशुधन अधिकारी रामराज यादव पहुंचे।
घाघरा का जलस्तर
लाटघाट। बृहस्पतिवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.05 मीटर था। जो शुक्रवार की शाम को 23 सेमी बढ़कर 71.28 मीटर हो गया। यहां नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया गेज पर नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 10.27 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार की शाम 26 सेमी बढ़कर 70.53 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। यहां पर नदी खतरा बिंदू से 13 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा नदी में विभिन्न बैराजों से 282608 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसमें गिरिजा बैराज से 172973 क्यूसेक, शारदा बैराज से 109035 क्यूसेक और सरयू बैराज से 600 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिसके कारण नदी के जलस्तर में बढा़ेत्तरी देखने को मिल रही है।