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Azamgarh News: अभिलेखों में हेराफेरी करने के आरोप में शिक्षा विभाग के प्रधान सहायक पर दूसरी बार प्राथमिकी दर्ज
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आजमगढ़। जिले में शिक्षा विभाग के अभिलेखों में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। श्री देवानंद संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय दानशनिचरा रामगढ़ की मान्यता से जुड़े पत्र में गड़बड़ी मिलने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मंडल की शिकायत पर प्रधान सहायक विधिचंद यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पहले भी अनियमितता के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर की ओर से 28 फरवरी को दी गई तहरीर में बताया गया है कि विद्यालय की मान्यता से संबंधित आठ अक्तूबर 2024 के पत्र की पत्रावली का परीक्षण करने पर गंभीर अनियमितता सामने आई। पत्रावली में संलग्न पत्र में पांच लोगों के नाम दर्ज मिले, जबकि कार्यालय के डाक सहायक विजय कुमार यादव द्वारा प्राप्त मूल पत्र में केवल चार लोगों के नाम अंकित थे। डाक सहायक ने बताया कि उन्होंने जो पत्र प्राप्त किया था, उस पर रिसीट नंबर दर्ज कर तत्कालीन पटल प्रभारी विधिचंद यादव को दे दिया था। जांच में पाया गया कि पत्रावली में जो पत्र संलग्न है, उसमें पांच नाम हैं और उस पर डाक सहायक के हस्ताक्षर भी नहीं हैं। इससे संदेह हुआ कि मूल पत्र को हटाकर उसी पत्रांक और तिथि पर नया पत्र लगाकर अभिलेखों में हेराफेरी की गई है। पूछताछ के दौरान विधिचंद यादव के बयान भी विरोधाभासी पाए गए। पहले उन्होंने चार नाम वाले पत्र को सही बताया, लेकिन बाद में लिखित उत्तर में पांच नाम वाले पत्र को सही बताया। जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी पत्र में एक अतिरिक्त नाम जोड़कर अनुचित लाभ देने की कोशिश की गई। मामले को गंभीर मानते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक ने शहर कोतवाली में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच कराने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस ने तत्कालीन पटल प्रभारी व वर्तमान प्रधान सहायक विधिचंद यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अभिलेखों से छेड़छाड़ जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विधिचंद समेत छह लोगों पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
आजमगढ़। श्री देवानंद संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, दान शनिचरा रामगढ़ में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियम विरुद्ध नियुक्ति के मामले में पहले भी छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। मंडलायुक्त के निर्देश पर संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर ने बताया कि रिंकी यादव को प्रधानाचार्य तथा प्रियंका और अल्का त्रिपाठी को साहित्य विषय में नियुक्ति की स्वीकृति नियमों के विपरीत दी गई थी। अनुमोदन पत्र पर कार्यालय सहायक के हस्ताक्षर भी नहीं थे और उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद अधिनियम-2000 व नियमावली-2009 का पालन नहीं किया गया था। इस मामले में प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक विरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य रिंकी यादव, प्रियंका, अल्का त्रिपाठी, प्रधान सहायक विधिचंद यादव और विद्यालय प्रबंधक श्रीकृष्ण मिश्र के खिलाफ 10 फरवरी 2026 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
97 विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों व कर्मियों की भर्ती की एसआईटी कर रही जांच
आजमगढ़। माध्यमिक शिक्षा विभाग से संचालित जिले के 97 वित्त पोषित सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां जांच के दायरे में हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जुलाई 2010 के बाद हुई नियुक्तियों की जांच कर रही है।एसआईटी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ से शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा था लेकिन अभी तक शिक्षकों का अभिलेख नहीं भेजा जा सका। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया, चयन की वैधता और वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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विद्यालय की मान्यता से संबंधित पत्रावली की जांच के दौरान अभिलेखों में गंभीर अनियमितता और हेराफेरी के संकेत मिले हैं। प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि मूल पत्र को हटाकर उसी पत्रांक और तिथि पर अलग पत्र संलग्न किया गया है, जिसमें अतिरिक्त नाम जोड़ दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।- नवल किशोर, संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़।
संयुक्त शिक्षा निदेशक की तहरीरर पर अभिलेखों में हेराफेरी के आरोप में प्रधान सहायक विधिचंद यादव के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।- यादवेंद्र पांडेय, शहर कोतवाल।
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पहले भी विधिचंद समेत छह लोगों पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
आजमगढ़। श्री देवानंद संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, दान शनिचरा रामगढ़ में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियम विरुद्ध नियुक्ति के मामले में पहले भी छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। मंडलायुक्त के निर्देश पर संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर ने बताया कि रिंकी यादव को प्रधानाचार्य तथा प्रियंका और अल्का त्रिपाठी को साहित्य विषय में नियुक्ति की स्वीकृति नियमों के विपरीत दी गई थी। अनुमोदन पत्र पर कार्यालय सहायक के हस्ताक्षर भी नहीं थे और उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद अधिनियम-2000 व नियमावली-2009 का पालन नहीं किया गया था। इस मामले में प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक विरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य रिंकी यादव, प्रियंका, अल्का त्रिपाठी, प्रधान सहायक विधिचंद यादव और विद्यालय प्रबंधक श्रीकृष्ण मिश्र के खिलाफ 10 फरवरी 2026 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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97 विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों व कर्मियों की भर्ती की एसआईटी कर रही जांच
आजमगढ़। माध्यमिक शिक्षा विभाग से संचालित जिले के 97 वित्त पोषित सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां जांच के दायरे में हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जुलाई 2010 के बाद हुई नियुक्तियों की जांच कर रही है।एसआईटी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ से शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा था लेकिन अभी तक शिक्षकों का अभिलेख नहीं भेजा जा सका। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया, चयन की वैधता और वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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विद्यालय की मान्यता से संबंधित पत्रावली की जांच के दौरान अभिलेखों में गंभीर अनियमितता और हेराफेरी के संकेत मिले हैं। प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि मूल पत्र को हटाकर उसी पत्रांक और तिथि पर अलग पत्र संलग्न किया गया है, जिसमें अतिरिक्त नाम जोड़ दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।- नवल किशोर, संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़।
संयुक्त शिक्षा निदेशक की तहरीरर पर अभिलेखों में हेराफेरी के आरोप में प्रधान सहायक विधिचंद यादव के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।- यादवेंद्र पांडेय, शहर कोतवाल।