दिल्ली के किसान आंदोलन की आंच पहुंची आजमगढ़, किसानों ने घेरा टोल प्लाजा, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
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दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन और कृषि कानूनों के विरोध में पूर्वांचल में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आजमगढ़ के किसानों ने भी रविवार को अतरौलिया के लोहरा स्थित टोल प्लाजा का घेराव किया। साकेत महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष फूलचंद यादव के नेतृत्व में हुए घेराव के दौरान किसानों की पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई।
टोल जाम करने कोशिश में दो बार पुलिस और किसान आमने-सामने हुए। इसके बाद वहीं पर सभा कर केंद्र सराकर पर निशाना साधा। 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
फूलचंद यादव के नेतृत्व में दो दिन पहले ही टोल प्लाजा पर जाम करने की चेतावनी दी गई थी। इसे लेकर रविवार सुबह से ही यहां पर पुलिस के साथ ही पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई थी। सुबह 11 बजे किसानों का कारवां लोहरा स्थित टोल प्लाजा पर पहुंचा।
किसानों को पुलिस और पीएसी के जवानों ने जाम करने से रोक दिया। दो बार किसानों ने जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीछे खदेड़ दिया। इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान किसानों ने ट्राली का मंच बनाकर सड़क के किनारे ही अपनी सभा शुरू कर दी।
केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि कानूनों के विरोध में आवाज बुलंद की। मौके पर आजमगढ़ के साथ ही अंबेडकरनगर जनपद की पुलिस के साथ पीएसी बल भी मौजूद रहा। उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर दिनेश चंद्र मिश्रा, सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक अतरौलिया दिनेश कुमार यादव नजर रखे हुए थे। किसानों नेताओं से बात कर कोई भी अप्रिय स्थित न उत्पन्न होने देने की अपील कर रहे थे।