{"_id":"bc5cdb45b8d19343ffd47a11d6aeb9bd","slug":"farmers-raised-voice-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की उठाई आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की उठाई आवाज
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश की चीनी मिलों में अविलंब पेराई सत्र शुरू कराने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीय लोकदल ने कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया।
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। बाद में प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
जिलाध्यक्ष मु. महमूद खां ने कहा कि प्रदेश और केंद्र दोनों सरकार जनविरोधी हैं। जनता के हित से इन्हें कोई लेनादेना नहीं है। इस सरकार में किसान, नवजवान सभी परेशान हैं।
विज्ञापन
कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने प्रदेश की सभी चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू कराने, आगामी सत्र में गन्ने का मूल्य 350 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, गत वर्ष के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित अविलंब कराने, चीनी मिल न चलाने वाले मिल मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मिलों का अधिग्रहण करने की मांग की।
कहा कि जिले की टूटी सड़कों को अविलंब बनवाया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगे पूरी नहीं होती हैं तो पार्टी वृहद आंदोलन को बाध्य होगी। इसकी जिम्मेदारी शासन और जिला प्रशासन की होगी।
धरने को पतिराम यादव, डा. सुरेश यादव, राममिलन चौहान, मो. साबिर आदि ने संबोधित किया। धरने में चंद्रमोहन सिंह, अमरजीत यादव, अमित पाठक, शीला भारती, प्रभावती, टीएन शास्त्री, डा. दिलीप आदि रहे।
विज्ञापन
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। बाद में प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष मु. महमूद खां ने कहा कि प्रदेश और केंद्र दोनों सरकार जनविरोधी हैं। जनता के हित से इन्हें कोई लेनादेना नहीं है। इस सरकार में किसान, नवजवान सभी परेशान हैं।
विज्ञापन
कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने प्रदेश की सभी चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू कराने, आगामी सत्र में गन्ने का मूल्य 350 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, गत वर्ष के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित अविलंब कराने, चीनी मिल न चलाने वाले मिल मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मिलों का अधिग्रहण करने की मांग की।
कहा कि जिले की टूटी सड़कों को अविलंब बनवाया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगे पूरी नहीं होती हैं तो पार्टी वृहद आंदोलन को बाध्य होगी। इसकी जिम्मेदारी शासन और जिला प्रशासन की होगी।
धरने को पतिराम यादव, डा. सुरेश यादव, राममिलन चौहान, मो. साबिर आदि ने संबोधित किया। धरने में चंद्रमोहन सिंह, अमरजीत यादव, अमित पाठक, शीला भारती, प्रभावती, टीएन शास्त्री, डा. दिलीप आदि रहे।