मेजवां। नहर में पानी न होने के विरोध में बृहस्पतिवार को शाहजेरपुर गांव के ग्रामीणों ने प्रधान अंकुर यादव के नेेतृत्व में प्रदर्शन किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो वे नहर पाटने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि शारदा सहायक खंड 32 माइनर में बीते एक माह से पानी नहीं आया है। किसी तरह वह अपने खेतों में फसल तो बो देते है। लेकिन पानी के अभाव में पूरी फसल ही चौपट हो जाती है। गेहूं की फसल पानी के अभाव में गवां चुके ग्रामीणों को अब धान की फसल के भी चौपट होने की आशंका सताने लगी है। बरसात के दम पर धान की रोपाई करने वाले क्षेत्र के किसानों को नहर के पानी का ही भरोसा रहता है। वर्तमान में धान की फसल और सब्जियां सूखने के कगार पर पहुंच गई है, लेकिन नहर में अब तक पानी नहीं आया है। नहर में पानी न आने से क्षेत्र के टेऊंगा, बरौली, आंधीपुर, रीवां सुल्तानपुर, चतरा, दुर्वासा, नौहरा, मक्खापुर, आदि गांव के किसानों की लगभग 500 से अधिक एकड़ धान की फसल प्रभावित है। क्षेत्र के किसान अजय कुमार यादव, रामचंद्र, रईस, नदलाल, भारत यादव, सिंटू यादव, मोहन यादव, लोकनाथ, राजकुमार, विशाल, सतेंद्र मौर्या, कमला यादव आदि किसानों ने बताया कि सिंचाई के आभाव में धान की और सब्जियों की फसल सूख रही है। इससे किसानों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो चक्का जाम करने के साथ नहर को पाटने का काम करेंगे।