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कुपोषण दूर करने के लिए परिवार को मिलेगी निशुल्क गाय
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आजमगढ़। सरकार ने गो आश्रय स्थलों में बंद दुधारू पशुओं के जरिए कुपोषण पर वार करने की योजना बनाई है। इसके तहत जनपद के कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों और माताओं का कुपोषण दूर करने के लिए उनके परिवार को निशुल्क गाय दी जाएगी। इन परिवारों को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत प्रतिमाह पशु के चारे के लिए 900 रुपये दिया जाएगा।
जनपदों में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा है। सरकार ने कुपोषित,अति कुपोषित बच्चे और माताओं के कुपोषण को दूर करने के लिए उन्हें गौशालाओं में बंद दुधारू पशुओं को निशुल्क देने की योजना बनाई है। ताकि उनके दूध का इस्तेमाल कर बच्चे और गर्भवती महिलाओं का कुपोषण दूर हो सके। परिवार को प्रतिमाह मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 900 रुपये भी देगी ताकि उन्हें पशुुओं के चारे की व्यवस्था करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। सरकार के इस निर्देश पर पशुपालन विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी गौशालाओं से पशुओं की रिपोर्ट मंगाई गई है।
सबसे पहले अति कुपोषित परिवारों को देने की योजना
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि सबसे पहले अति कुपोषित बच्चों व माताओं को दुधारू पशु देने की योजना है। सरकार की ओर से इनकी खरीद करने का नहीं बल्कि गौशालाओं में बंद पशुओं में से ही देने का निर्देश है। इसलिए सबसे पहले अति कुपोषित परिवारों को देने के बाद ही दूसरों को दिया जाएगा।
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पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर होगा वितरण
सीवीओ ने बताया कि दुधारू पशुओं का आंकड़ा जुटाने के बाद इसे पहले आओ और पहले पाओ की तर्ज पर वितरण किया जाएगा। अति कुपोषित परिवार के लोग जिस दुधारू पशु केे ले जाना चाहेंगे ले जा सकेंगे। इसमें किसी प्रकार की रोक टोक नहीं होगी।
सरकार की ओर से पशुओं को खरीद करने का निर्देश नहीं दिया गया है बल्कि पशुशालाओं में बंद दुधारू पशुओं को देने का ही निर्देश है। इसके लिए सूची तैयार कराई जा रही है। सूची तैयार होने के बाद सबसे पहले अति कुपोषित बच्चों के परिवार से ही इसकी शुरूआत की जाएगी। - डा. वीके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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जनपदों में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा है। सरकार ने कुपोषित,अति कुपोषित बच्चे और माताओं के कुपोषण को दूर करने के लिए उन्हें गौशालाओं में बंद दुधारू पशुओं को निशुल्क देने की योजना बनाई है। ताकि उनके दूध का इस्तेमाल कर बच्चे और गर्भवती महिलाओं का कुपोषण दूर हो सके। परिवार को प्रतिमाह मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 900 रुपये भी देगी ताकि उन्हें पशुुओं के चारे की व्यवस्था करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। सरकार के इस निर्देश पर पशुपालन विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी गौशालाओं से पशुओं की रिपोर्ट मंगाई गई है।
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सबसे पहले अति कुपोषित परिवारों को देने की योजना
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि सबसे पहले अति कुपोषित बच्चों व माताओं को दुधारू पशु देने की योजना है। सरकार की ओर से इनकी खरीद करने का नहीं बल्कि गौशालाओं में बंद पशुओं में से ही देने का निर्देश है। इसलिए सबसे पहले अति कुपोषित परिवारों को देने के बाद ही दूसरों को दिया जाएगा।
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पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर होगा वितरण
सीवीओ ने बताया कि दुधारू पशुओं का आंकड़ा जुटाने के बाद इसे पहले आओ और पहले पाओ की तर्ज पर वितरण किया जाएगा। अति कुपोषित परिवार के लोग जिस दुधारू पशु केे ले जाना चाहेंगे ले जा सकेंगे। इसमें किसी प्रकार की रोक टोक नहीं होगी।
सरकार की ओर से पशुओं को खरीद करने का निर्देश नहीं दिया गया है बल्कि पशुशालाओं में बंद दुधारू पशुओं को देने का ही निर्देश है। इसके लिए सूची तैयार कराई जा रही है। सूची तैयार होने के बाद सबसे पहले अति कुपोषित बच्चों के परिवार से ही इसकी शुरूआत की जाएगी। - डा. वीके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी