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Azamgarh News: घरेलू बम बनाते समय धमाका, युवक झुलसा, हालत गंभीर
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25- विस्फोट में घायल अस्पताल में भर्ती चंदन।
अमिलो। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पाही जमीन पाही गांव में बृहस्पतिवार की शाम छह बजे बरात के लिए लावा परछन के दौरान घरेलू बम बनाते समय धमाका होने से चंदन चौहान (22) गंभीर रूप से झुलस गया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल से चिकित्सक ने रेफर कर दिया। उसका शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पाही जमीन पाही गांव निवासी चंदन गांव के ही आनंद चौहान की बरात में शामिल होने गए थे। खुशी के माहौल में लावा परछन के दौरान चंदन पटाखों से बारूद निकालकर लोहे की पाइप में भर रहा था। तेज आवाज के लिए उसे हथौड़े से कूट रहा था। इस दौरान धमाका हो गया। इसकी आवाज से इलाका गूंज उठा। घटना में चंदन का दाहिना हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आनन-फानन में परिजन उसे मुबारकपुर सीएचसी ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उसका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली है, लेकिन अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
देसी गन का प्रचलन बढ़ा
इन दिनों शहर से लेकर गांव तक देसी गन का प्रचलन है। दीपावली में इसका प्रयोग होता ही है। साथ ही किसान खेत में पशु, पक्षी और नीलगाय भगाने के लिए भी करते हैं। जानकारों के अनुसार, देसी गन से फायरिंग करने के लिए कार्बाइड और एक ढक्कन पानी के अलावा प्लास्टिक की पाइप और गैस लाइटर की जरूरत पड़ती है। बनाने में करीब 150 रुपये खर्च आता है। बाजार में इसे 200 रुपये में बेचा जा रहा है।
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पटाखा दुकानों का अवैध संचालन जारी
आजमगढ़। जिले में पटाखा दुकानों का अवैध संचालन घनी आबादी वाले इलाकों में धड़ल्ले से जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। बाजारों में बिना लाइसेंस के दुकानों में पटाखे बेचे जा रहे हैं। ये किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रशासन हर बड़ी घटना के बाद दावे तो करता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
मार्च 2019 में सात लोगों की हुई थी मौत
आजमगढ़। पटाखे के चलते विस्फोट से मार्च 2019 में मुकेरीगंज में एक दो मंजिला मकान धराशायी हो गया था। पटाखाें से विस्फोट होने के बाद आग लग गई थी। दो मंजिला मकान धराशायी हो गया था। मकान में रहने वाले कुल 17 लोग झुलस गए थे। इनमें से सात लोगाें की मौत हो गई थी।
विस्फोट में परिवार के सभी चार सदस्यों की चली गई थी जान
आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र के खानकाह गांव में मीरा देवी के मकान में उसके बेटे अवैध तरीके से पटाखे बनाते थे। 16 अप्रैल 2018 की दोपहर मीरा के मकान में पटाखों से विस्फोट हो गया। इसमें झुलसी मीरा (60) और उसके बेटे राजन (28) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरा बेटा चंदन उसकी पत्नी सुधा गंभीर रूप से झुलस गई थी। इलाज के दौरान इनकी भी मौत हो गई थी।
पटाखा रखने में दो पर दर्ज हुई थी एफआईआर
शहर के मुकेरीगंज में मार्च 2019 में जिस मकान में विस्फोट के बाद आग लगी, उसमें टेंट की दुकान थी। दुकान में विजय गुप्ता उर्फ खिलाड़ी और सतिराम ने अवैध रूप से पटाखे रखे थे। डीएम के निर्देश पर इन दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
प्राथमिकी जांच में यह घटना पूरी तरह इत्तफाकन पाई गई है। किसी भी प्रकार की सुनियोजित घटना और आपराधिक प्रवृत्ति की बात सामने नहीं आई है। घटना की पूरी जांच चल रही है। - मधुबन सिंह, एसपी सिटी।
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पाही जमीन पाही गांव निवासी चंदन गांव के ही आनंद चौहान की बरात में शामिल होने गए थे। खुशी के माहौल में लावा परछन के दौरान चंदन पटाखों से बारूद निकालकर लोहे की पाइप में भर रहा था। तेज आवाज के लिए उसे हथौड़े से कूट रहा था। इस दौरान धमाका हो गया। इसकी आवाज से इलाका गूंज उठा। घटना में चंदन का दाहिना हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आनन-फानन में परिजन उसे मुबारकपुर सीएचसी ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उसका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली है, लेकिन अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
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देसी गन का प्रचलन बढ़ा
इन दिनों शहर से लेकर गांव तक देसी गन का प्रचलन है। दीपावली में इसका प्रयोग होता ही है। साथ ही किसान खेत में पशु, पक्षी और नीलगाय भगाने के लिए भी करते हैं। जानकारों के अनुसार, देसी गन से फायरिंग करने के लिए कार्बाइड और एक ढक्कन पानी के अलावा प्लास्टिक की पाइप और गैस लाइटर की जरूरत पड़ती है। बनाने में करीब 150 रुपये खर्च आता है। बाजार में इसे 200 रुपये में बेचा जा रहा है।
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पटाखा दुकानों का अवैध संचालन जारी
आजमगढ़। जिले में पटाखा दुकानों का अवैध संचालन घनी आबादी वाले इलाकों में धड़ल्ले से जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। बाजारों में बिना लाइसेंस के दुकानों में पटाखे बेचे जा रहे हैं। ये किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रशासन हर बड़ी घटना के बाद दावे तो करता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
मार्च 2019 में सात लोगों की हुई थी मौत
आजमगढ़। पटाखे के चलते विस्फोट से मार्च 2019 में मुकेरीगंज में एक दो मंजिला मकान धराशायी हो गया था। पटाखाें से विस्फोट होने के बाद आग लग गई थी। दो मंजिला मकान धराशायी हो गया था। मकान में रहने वाले कुल 17 लोग झुलस गए थे। इनमें से सात लोगाें की मौत हो गई थी।
विस्फोट में परिवार के सभी चार सदस्यों की चली गई थी जान
आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र के खानकाह गांव में मीरा देवी के मकान में उसके बेटे अवैध तरीके से पटाखे बनाते थे। 16 अप्रैल 2018 की दोपहर मीरा के मकान में पटाखों से विस्फोट हो गया। इसमें झुलसी मीरा (60) और उसके बेटे राजन (28) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरा बेटा चंदन उसकी पत्नी सुधा गंभीर रूप से झुलस गई थी। इलाज के दौरान इनकी भी मौत हो गई थी।
पटाखा रखने में दो पर दर्ज हुई थी एफआईआर
शहर के मुकेरीगंज में मार्च 2019 में जिस मकान में विस्फोट के बाद आग लगी, उसमें टेंट की दुकान थी। दुकान में विजय गुप्ता उर्फ खिलाड़ी और सतिराम ने अवैध रूप से पटाखे रखे थे। डीएम के निर्देश पर इन दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
प्राथमिकी जांच में यह घटना पूरी तरह इत्तफाकन पाई गई है। किसी भी प्रकार की सुनियोजित घटना और आपराधिक प्रवृत्ति की बात सामने नहीं आई है। घटना की पूरी जांच चल रही है। - मधुबन सिंह, एसपी सिटी।