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Azamgarh News: छोटी नदियों ने भी पकड़ी रफ्तार, फसल डूबी
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33 मेंहनगर क्षेत्र के लोनी नदी में उफान आने से धान की फसल बर्बाद। संवाद
आजमगढ़ जनपद की उत्तरी सीमा से लेकर दक्षिणी सीमा तक लोग इस समय बरसात के पानी के भराव की समस्या से जूझ रहे हैं। सगड़ी तहसील क्षेत्र में सरयू का जलस्तर खतरा बिंदु के ऊपर चल रहा है, जिससे कई गांवों पर संकट बना हुआ है।
वहीं शहर के दक्षिणी हिस्से में बहने वाली मंगई, लोनी आदि नदियों के जलस्तर में वृद्धि से किसानों की धान की फसल डूब रही है। आजमगढ़ जनपद में कुल छोटी-बड़ी 17 नदियां प्रवाहित होती हैं। इनमें तमसा और सरयू बड़ी नदियां हैं।
सरयू तो हर साल देवारा क्षेत्र के लोगों की मुसीबत का सबब बनती है। वर्तमान में भी यह नदी खतरा बिंदु से ऊपर चल रही है। नदी का जलस्तर बदरहुआ गेज पर खतरा बिंदु से 13 सेमी और डिघिया गेज पर 79 सेमी ऊपर बह रहा है।
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वहीं तमसा का जलस्तर भी नदी की पेटी से बाहर निकलकर बढ़ने लगा है। शहर क्षेत्र के शहर सुरक्षा बांध में लगे सभी फाटक बंद कर दिए गए हैं। हालांकि अभी इस नदी से बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
इनके अलावा जिले में मंजूषा, बेसो (बेसा), कुंवर, उदंती, मंगई, भैंसही, लौनी, बघाड़ी, छोटी सरयू और सिलनी आदि नदियां प्रवाहित होती हैं। इन नदियों में बेसो, मंगई, कुंवर और लोनी नदियां उफान पर हैं।
इसके कारण किसानों के खेतों में पानी भर गया है। इससे उनकी धान की फसल पानी में डूब गई है, जो बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं।
फूलपुर तहसील क्षेत्र में कुंवर नदी का जलस्तर बढ़ने से रेदहा, कनेरी, मुंडवर जैसे गांवों का संपर्क मार्ग मुख्य मार्गों से कट गया है। स्कूली बच्चे पानी भरे रास्तों से पैदल गुजरने को मजबूर हैं। प्रभावित गांवों के लोगों को अतिरिक्त दूरी तय कर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ रहा है।
शबाना आजमी मार्ग पर कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर गया है। पुरानी मिर्च मंडी के पास कनेरी जाने वाले पुल के पीछे संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन बाधित है।
नगर पंचायत द्वारा निर्मित सुलभ शौचालय पानी में तैर रहा है। उसके नीचे से बाढ़ का पानी गुजर रहा है। गोविंद, राजेश, सुरेश गुप्ता ने बताया कि भारी बारिश के चलते कुंवर नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। सड़कें जर्जर हो गई हैं और आवागमन बाधित है।
00
बोले किसान
नदियों का जलस्तर बढ़ने से खेत पानी से लबालब हो गए हैं। धान के खेतों में पानी लग गया है, जिससे फसल के बर्बाद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। -रामसमुझ राय, भूलनडीह।
पहले भी यह समस्या होती थी, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह समस्या और बढ़ गई है। फोरलेन में पानी की एक तरफ से दूसरी तरफ निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। -राजेंद्र यादव, सेनुरी बरबसपुर।
अभी तो काफी हद तक ठीक है, लेकिन अगर यही हाल रहा और जल स्तर बढ़ा तो धान की फसल पूरी तरह डूब जाएगी। तब उसे बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता। -चंदू सिंह, सिसवां।
इस समय लोनी नदी पूरे उफान पर है। खेतों के साथ ही कई गांवों के रास्तों पर भी पानी भर गया है। प्रशासन को पानी निकालने का प्रबंध करना चाहिए। -रामदुलारे चौहान, गोपालपुर।
00 वर्जन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकलवाने की व्यवस्था की जाएगी। जहां भी रोड या नालियां जाम होंगी, उनको खुलवाया जाएगा। जिस गांव में पानी लगा हो, उसके बारे में लोग बताएं। मेरे संज्ञान में ऐसा कोई डूबा गांव नहीं है। पता चलेगा तो वहां से पानी निकलवाने की व्यवस्था की जाएगी। -नेहा मिश्रा, एसडीएम लालगंज।
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वहीं शहर के दक्षिणी हिस्से में बहने वाली मंगई, लोनी आदि नदियों के जलस्तर में वृद्धि से किसानों की धान की फसल डूब रही है। आजमगढ़ जनपद में कुल छोटी-बड़ी 17 नदियां प्रवाहित होती हैं। इनमें तमसा और सरयू बड़ी नदियां हैं।
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सरयू तो हर साल देवारा क्षेत्र के लोगों की मुसीबत का सबब बनती है। वर्तमान में भी यह नदी खतरा बिंदु से ऊपर चल रही है। नदी का जलस्तर बदरहुआ गेज पर खतरा बिंदु से 13 सेमी और डिघिया गेज पर 79 सेमी ऊपर बह रहा है।
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वहीं तमसा का जलस्तर भी नदी की पेटी से बाहर निकलकर बढ़ने लगा है। शहर क्षेत्र के शहर सुरक्षा बांध में लगे सभी फाटक बंद कर दिए गए हैं। हालांकि अभी इस नदी से बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
इनके अलावा जिले में मंजूषा, बेसो (बेसा), कुंवर, उदंती, मंगई, भैंसही, लौनी, बघाड़ी, छोटी सरयू और सिलनी आदि नदियां प्रवाहित होती हैं। इन नदियों में बेसो, मंगई, कुंवर और लोनी नदियां उफान पर हैं।
इसके कारण किसानों के खेतों में पानी भर गया है। इससे उनकी धान की फसल पानी में डूब गई है, जो बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं।
फूलपुर तहसील क्षेत्र में कुंवर नदी का जलस्तर बढ़ने से रेदहा, कनेरी, मुंडवर जैसे गांवों का संपर्क मार्ग मुख्य मार्गों से कट गया है। स्कूली बच्चे पानी भरे रास्तों से पैदल गुजरने को मजबूर हैं। प्रभावित गांवों के लोगों को अतिरिक्त दूरी तय कर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ रहा है।
शबाना आजमी मार्ग पर कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर गया है। पुरानी मिर्च मंडी के पास कनेरी जाने वाले पुल के पीछे संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन बाधित है।
नगर पंचायत द्वारा निर्मित सुलभ शौचालय पानी में तैर रहा है। उसके नीचे से बाढ़ का पानी गुजर रहा है। गोविंद, राजेश, सुरेश गुप्ता ने बताया कि भारी बारिश के चलते कुंवर नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। सड़कें जर्जर हो गई हैं और आवागमन बाधित है।
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बोले किसान
नदियों का जलस्तर बढ़ने से खेत पानी से लबालब हो गए हैं। धान के खेतों में पानी लग गया है, जिससे फसल के बर्बाद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। -रामसमुझ राय, भूलनडीह।
पहले भी यह समस्या होती थी, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह समस्या और बढ़ गई है। फोरलेन में पानी की एक तरफ से दूसरी तरफ निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। -राजेंद्र यादव, सेनुरी बरबसपुर।
अभी तो काफी हद तक ठीक है, लेकिन अगर यही हाल रहा और जल स्तर बढ़ा तो धान की फसल पूरी तरह डूब जाएगी। तब उसे बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता। -चंदू सिंह, सिसवां।
इस समय लोनी नदी पूरे उफान पर है। खेतों के साथ ही कई गांवों के रास्तों पर भी पानी भर गया है। प्रशासन को पानी निकालने का प्रबंध करना चाहिए। -रामदुलारे चौहान, गोपालपुर।
00 वर्जन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकलवाने की व्यवस्था की जाएगी। जहां भी रोड या नालियां जाम होंगी, उनको खुलवाया जाएगा। जिस गांव में पानी लगा हो, उसके बारे में लोग बताएं। मेरे संज्ञान में ऐसा कोई डूबा गांव नहीं है। पता चलेगा तो वहां से पानी निकलवाने की व्यवस्था की जाएगी। -नेहा मिश्रा, एसडीएम लालगंज।

33 मेंहनगर क्षेत्र के लोनी नदी में उफान आने से धान की फसल बर्बाद। संवाद

33 मेंहनगर क्षेत्र के लोनी नदी में उफान आने से धान की फसल बर्बाद। संवाद