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Azamgarh News: घटाव से कटान तेज, नदी में समाए कई मकान
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देवारा में घाघरा नदी के घटने से कटान तेज हो गया है। किसानों की कृषि योग्य भूमि कटान से नदी में समाती जा रही है। जिससे किसान चिंतित हैं। 24 घंटे में घाघरा नदी बदरहुंआ गेज पर 48 तो डिघिया नाले पर 50 सेमी घटी है।
देवारा में बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। जैसे- जैसे नदी घट रहीं वैसे- वैसे कटान तेज कर रही है। इसमें किसान परेशान हैं। वहीं बाढ़ का पानी कम होने से संक्रामण बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। सर्दी, जुखाम, बुखार, खुजली से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। अब तक देखा जाय तो नदी में तीन मकान समाहित हो चुके है जबकि 13 कटान के मुहाने पर हैं। उधर कटान से कटाने पीड़ितों का पलायन शुरू हो चुका है।
देवारा खास राजा गांव के झगरहवा बगहवा मौजा के रामकरन ,द्वारिका, परसोतिम का मकान नदी की लहरों में समा गए। कुछ लोग अपने गृहस्थी के सामान को स्कूल के पास रखे हैं तो कुछ लोग रिश्तदारों केे यहां। ग्राम प्रधान रामसिंगार यादव ने बताया कि कटान की गति तेज हो गई है। तहसील प्रशासन मौन साधे हुए हैं। हम लोग डीएम से मिलकर इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे।यही हाल रहा तो पूरी बस्ती जल्द ही घाघरा में समाहित हो जाएगी। बीते 24 घंटे में घाघरा बदरहुंवा पर 48 सेमी तो डिघिया नाले पर 50 सेमी घटी।
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बदरहुंवा नाले पर शनिवार को शाम चार बजे घाघरा का जलस्तर 71.60 मीटर था जो रविवार को 48 सेमी घटकर 71.12 मीटर हो गया। यहां न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु, 71.68 और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। वहीं, डिघिया नाले पर शनिवार को शाम चार बजे जलस्तर 70.85 मीटर था जो 50 सेमी घटकर रविवार को चार बजे 70.35 मीटर हो गया। यहां का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर व अधिकतम 72.59 मीटर है।
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देवारा में बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। जैसे- जैसे नदी घट रहीं वैसे- वैसे कटान तेज कर रही है। इसमें किसान परेशान हैं। वहीं बाढ़ का पानी कम होने से संक्रामण बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। सर्दी, जुखाम, बुखार, खुजली से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। अब तक देखा जाय तो नदी में तीन मकान समाहित हो चुके है जबकि 13 कटान के मुहाने पर हैं। उधर कटान से कटाने पीड़ितों का पलायन शुरू हो चुका है।
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देवारा खास राजा गांव के झगरहवा बगहवा मौजा के रामकरन ,द्वारिका, परसोतिम का मकान नदी की लहरों में समा गए। कुछ लोग अपने गृहस्थी के सामान को स्कूल के पास रखे हैं तो कुछ लोग रिश्तदारों केे यहां। ग्राम प्रधान रामसिंगार यादव ने बताया कि कटान की गति तेज हो गई है। तहसील प्रशासन मौन साधे हुए हैं। हम लोग डीएम से मिलकर इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे।यही हाल रहा तो पूरी बस्ती जल्द ही घाघरा में समाहित हो जाएगी। बीते 24 घंटे में घाघरा बदरहुंवा पर 48 सेमी तो डिघिया नाले पर 50 सेमी घटी।
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बदरहुंवा नाले पर शनिवार को शाम चार बजे घाघरा का जलस्तर 71.60 मीटर था जो रविवार को 48 सेमी घटकर 71.12 मीटर हो गया। यहां न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु, 71.68 और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। वहीं, डिघिया नाले पर शनिवार को शाम चार बजे जलस्तर 70.85 मीटर था जो 50 सेमी घटकर रविवार को चार बजे 70.35 मीटर हो गया। यहां का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर व अधिकतम 72.59 मीटर है।