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जान जोखिम में डाल सरकारी आवासों में रह रहे कर्मी
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रैदोपुर स्थित चांदमारी रोड पर जर्जर सरकारी आवासी भवन।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। जिले में सरकारी कार्यालय भवनों के अलावा कर्मियों के रहने के लिए बने कई भवन भी बदहाली का शिकार है। जान जोखिम में डाल कर कर्मचारी इन सरकारी आवासों में परिवार के साथ रहने को मजबूर है। सबकुछ जानते हुए भी जिम्मेदार इन जर्जर आवासों की मरम्मत अथवा गिरवाकर नया निर्माण नहीं करवा रहे है।
कई सरकारी विभाग अपने कर्मचारियों को रहने के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध कराते है। इसमें पुलिस विभाग के कई भवन है, जिसमें ज्यादातर की हालत जर्जर हो चुकी है। रैदोपुर चांदमारी रोड पर पुलिस विभाग ने अपने कर्मियों के लिए तीन बिल्डिंग बनवाया हुआ है। वर्तमान में तीनों बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। इसके बाद भी कई पुलिस कर्मी परिवार के साथ इस भवन में जान जोखिम में डाल कर रहते है। चार तल्ला इन भवनों के छत के प्लास्टर छूट कर गिर रहे है। वहीं पुलिस लाइन परिसर में भी कई बहुमंजिले भवन है। इन भवनों में भी कईयों की हालत अत्यंत ही जर्जर हाल हो चुकी है। इन भवनों में भी पुलिस कर्मियों के परिजन मजबूरी में रहने को मजबूर है। यह तो पुलिस विभाग की बात हुई। रैदोपुर आफिसर्स कालोनी में प्रशानिक अधिकारियो के आवास बने हुए है। इन आवासों में भी ज्यादातर जर्जर हाल में पहुंच चुके है। रिपेयरिंग तो दूर संबंधित विभाग इन भवनों की रंगाई पुताई भी समय से नहीं कराती है। जिसके चलते कई भवनों की दशा अत्यंत ही दयनीय हो चुकी है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है और कर्मचारी जान जोखिम में डालने को मजबूर है।
जर्जर भवनों को चिन्हित कर रिपेयरिंग का इस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। बरसात खत्म होते ही सभी भवनों की नए सिरे से रिपेयरिंग करा दी जाएगी। आफिसर्स कालोनी के रख रखाव की जिम्मेदारी पीडब्लूडी प्रांतीय खंड की है। उसे इस्टीमेट तैयार करने का निर्देश दिया जा चुका है।
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नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन।
पुलिस कर्मियों के आवासों की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। आरआई पुलिस लाइन को इस बाबात दिशा निर्देश दिए गए है। जिन भी पुलिस कर्मियों के आवास में कमियां है वे उसकी सूचना आरआई को उपलब्ध कराए ताकि उसे ठीक कराया जा सके। वैसे कुछ नए भवन भी निर्माणाधीन है। जिनके पूरा हो जाने पर समस्या दूर हो जाएगी।
सुधीर कुमार सिंह, एसपी, आजमगढ़।
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कई सरकारी विभाग अपने कर्मचारियों को रहने के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध कराते है। इसमें पुलिस विभाग के कई भवन है, जिसमें ज्यादातर की हालत जर्जर हो चुकी है। रैदोपुर चांदमारी रोड पर पुलिस विभाग ने अपने कर्मियों के लिए तीन बिल्डिंग बनवाया हुआ है। वर्तमान में तीनों बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। इसके बाद भी कई पुलिस कर्मी परिवार के साथ इस भवन में जान जोखिम में डाल कर रहते है। चार तल्ला इन भवनों के छत के प्लास्टर छूट कर गिर रहे है। वहीं पुलिस लाइन परिसर में भी कई बहुमंजिले भवन है। इन भवनों में भी कईयों की हालत अत्यंत ही जर्जर हाल हो चुकी है। इन भवनों में भी पुलिस कर्मियों के परिजन मजबूरी में रहने को मजबूर है। यह तो पुलिस विभाग की बात हुई। रैदोपुर आफिसर्स कालोनी में प्रशानिक अधिकारियो के आवास बने हुए है। इन आवासों में भी ज्यादातर जर्जर हाल में पहुंच चुके है। रिपेयरिंग तो दूर संबंधित विभाग इन भवनों की रंगाई पुताई भी समय से नहीं कराती है। जिसके चलते कई भवनों की दशा अत्यंत ही दयनीय हो चुकी है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है और कर्मचारी जान जोखिम में डालने को मजबूर है।
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जर्जर भवनों को चिन्हित कर रिपेयरिंग का इस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। बरसात खत्म होते ही सभी भवनों की नए सिरे से रिपेयरिंग करा दी जाएगी। आफिसर्स कालोनी के रख रखाव की जिम्मेदारी पीडब्लूडी प्रांतीय खंड की है। उसे इस्टीमेट तैयार करने का निर्देश दिया जा चुका है।
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नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन।
पुलिस कर्मियों के आवासों की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। आरआई पुलिस लाइन को इस बाबात दिशा निर्देश दिए गए है। जिन भी पुलिस कर्मियों के आवास में कमियां है वे उसकी सूचना आरआई को उपलब्ध कराए ताकि उसे ठीक कराया जा सके। वैसे कुछ नए भवन भी निर्माणाधीन है। जिनके पूरा हो जाने पर समस्या दूर हो जाएगी।
सुधीर कुमार सिंह, एसपी, आजमगढ़।