आजमगढ़। बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी आह्वान पर मंगलवार शाम चार बजे मुख्य अभियंता विद्युत वितरण क्षेत्र आजमगढ़ के सिधारी स्थित कार्यालय प्रांगण में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान विभाग के कर्मचारी, अभियंता, अवर अभियंता, मजदूर, संदीप प्रजापति की अध्यक्षता और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति आजमगढ़ के संयोजक प्रेम नारायण प्रेमी के संचालन में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी चार सूत्रीय मांगें मुख्य अभियंता को सौंपी।
धरना प्रदर्शन के दौरान इलेक्ट्रिसिटी एमेंडमेंट बिल 2020 वापस लेने, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त करने, केंद्र शासित प्रदेशों के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने, ओडिशा में किया गया निजीकरण वापस लेने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण से प्रदेश एवं देश का विकास अवरुद्ध होगा। बिजली अत्यंत महंगी होगी। इसका फायदा निजी घराने और पूंजीपति उठाएंगे और खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील की कि निजीकरण के फैसलों को देश और प्रदेश के हित में वापस लिया जाए। इस मौके पर अभियंता संघ के इं. वीरेंद्र सिंह, अरुण कुमार सिंह, जूनियर इंजीनियर संगठन के चंदन यादव, आशुतोष यादव, अखिलेश कुमार, प्राविधिक कर्मचारी संघ के जयप्रकाश यादव, वेद प्रकाश यादव, काशीनाथ गुप्ता, विद्युत मजदूर पंचायत के नेता राजनारायण सिंह, अखिलानंद पांडेय, हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के नेता सैयद मुनव्वर अली, धर्मू यादव, विद्युत कर्मचारी संघ के राम अवध यादव आदि मौजूद रहे।