यूपी के गांव में पहली बार पहुंची बिजली: जिला मुख्यालय से 14 किमी दूर, बल्ब की रोशनी से घर में हुआ उजाला
आजमगढ़ में जनपद मुख्यालय से महज 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामपुर पाल बस्ती देश की आजादी के बाद 75वें वर्ष बिजली की रोशनी से रोशन हुई। घर में बल्ब की रोशनी पाकर ग्रामीण काफी खुश दिखे।
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक गांव में देश की आजादी के 75वें वर्ष बिजली पहुंची है। यहां गांव जनपद मुख्यालय से महज 14 किलोमीटर की दूरी पर है। बिजली से घरों में रोशनी पाकर ग्रामीणों में खुशी का माहौल नजर आ रहा है। शुक्रवार को जैसे ही गांव में बल्ब जला पूरी बस्ती में जश्न का माहौल हो गया। सभी ने विधानपरिषद सदस्य यशवंत सिंह के प्रयासों की सराहना की।
आजमगढ़-गाजीपुर मार्ग के किनारे स्थित रामपुर पाल बस्ती के चारों तरफ बिजली थी। खुद रामपुर गांव की भी अन्य बस्तियों में भी बिजली थी लेकिन इस पाल बस्ती में अब तक बिजली का तार ही नहीं गया था। इसकी वजह से इस बस्ती के लोग इस आधुनिक युग में भी लालटेन और ढिबरी युग में जीने को मजबूर थे।
इसे लेकर यहां के लोगों में पिछली सरकारों के प्रति आज भी काफी रोष है। पाल बस्ती के मनोज पाल, सोनू पाल, लालचंद पाल, अर्जुन पाल, रविंद्र पाल, सीमा पाल, रीना पाल आदि ने बताया कि कुछ लोगों के लिए विकास घर से निकलता है तो जात के खूंटे में बंध जाता है। हम उसमें नहीं हैं, इसलिए बिजली के बीच रहते हुए भी हम बिजली से आज तक वंचित रहे।
विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने कहा कि समाज के अंतिम आदमी तक आजादी का प्रकाश पहुंचाना योगी सरकार का मिशन है और हम इसी मिशन के तहत काम कर रहे हैं। जब हमें पता चला कि इस बस्ती में अब तक बिजली नहीं पहुंची है तो इसके लिए अलग से बजट पास कराया।
इसके बाद पोल खिंचवाए और आज जब तार खींचकर पहली बार बल्ब जला तो लोगों के साथ हमें भी अपार हर्ष हुआ। रामपुर पाल बस्ती के बच्चे भी बिजली की रोशनी में पढ़ें, आगे बढ़ें यही मेरी कामना है। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख रमेश कन्नौजिया, रणधीर सिंह, चंचल चौबे, कमला सिंह, अशोक यादव, दिलीप मिश्रा आदि मौजूद थे।