Electricity Crisis: आजमगढ़ के 18 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई, फिर भी लो वोल्टेज; हर 10 मिनट पर ट्रिपिंग
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिल में बिजली की समस्या से आए दिन लोग परेशान हो रहे हैं। लो वोल्टेज और ट्रिपिंग से जनजीवन बेहाल हो गया है। जबकि जिले में 18 उपकेंद्रों की क्षमतावृदि्ध की जा चुकी है।
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Azamgarh News: कागजों पर उपभोक्ताओं की भले ही निर्बाध बिजली मिल रही हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। एक तो लोगों को कम बिजली की आपूर्ति की जा रही है वहीं, दूसरी ओर जो बिजली उपभोक्ताओं को मिल रही है वह लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की भेंट चढ़ जा रही है। यह हाल तब है जब जिले के 18 उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि की जा चुकी है।
जिले में विभिन्न भार के करीब सात लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को 80 उपकेंद्रों के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती है। कई दिनों से बारिश न होने से उमस भरी गर्मी सबका पसीना छुड़ा ले रही है। रात दिन के तापमान में सात से आठ डिग्री सेल्सियस का ही अंतर रह रहा है।
इस उमस भरी गर्मी में जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। एक तो लोगों को 18 घंटे की जगह 11 से 12 घंटा बिजली मिल रही है वह भी वह वोल्टेज और ट्रिपिंग की भेंट चढ़ जा रही है। उमस भरी गर्मी में अधिकारियों के निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे फेल हो जा रहे हैं।
उमस भरी गर्मी से परेशान हुए लोग
इस समय सबसे खराब स्थिति मोहब्बतपुर उपकेंद्र की है। दिन हो या रात हर पांच से दस मिनट पर बिजली ट्रिप कर जा रही है। जर्जर तारों के कारण फॉल्ट की समस्या अलग ही बनी हुई है। क्षेत्र के उपभोक्ता लचर व्यवस्था से पूरी तरह से परेशान हो चुके हैं लेकिन जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ओवरलोडिंग की समस्या बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। करीब एक माह से उपभोक्ता परेशान हैं। यही हाल उपकेंद्र मेंहनगर, मोहम्मदपुर, बरदह, अहरौला, जहानागंज, देवगांव, बिलरियागंज, महाराजगंज की है। लो वोल्टेज और से जहां लोग परेशान है वहीं, शाम से छह बजे से रात 10 बजे तक ट्रिपिंग अधिक हो रही है।
| दिन | न्यूनतम | अधिकतम तापमान |
| 18 जुलाई | 27 | 36 |
| 19 जुलाई | 28 | 32 |
| 20 जुलाई | 28 | 35 |
| 21 जुलाई | 28 | 35 |
| 22 जुलाई | 28 | 36 |
| 23 जुलाई | 29 | 35 |
| 24 जुलाई | 28 | 36 |
एक सप्ताह में जल गए 270 ट्रांसफॉर्मर, दो शिफ्ट में हो रहा काम
उमस भरी गर्मी में ट्रांसफॉर्मरों के जलने की संख्या भी बढ़ गई है। पहले जहां प्रतिदिन औसतन 20 से 25 ट्रांसफॉर्मर जलते थे इधर बारिश न होने से 19 जुलाई से 55 से 60 ट्रांसफार्मर चल रहे हैं। वर्कशॉप के एक्सईएन चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि एक सप्ताह में 270 ट्रांसफार्मरों के जल चुके हैं। हालांकि वर्कशॉप में पहले से 600 ट्रांसफॉर्मर तैयार कर रखे गए थे उन्हीं में से भेजा जा रहा है। अभी 327 तैयार ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप में पड़े हुए हैं। डैमेज ट्रांसफॉर्मरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्कशॉप में दो शिफ्ट में काम चल रहा है।
गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है। इसके कारण इस समय लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या मोहब्बतपुर उपकेंद्र पर आ रही है। जहानागंज में उपकेंद्र की क्षमतावृद्धि हो चुकी है वहां पर कोई समस्या नहीं है। अन्य जगहों पर समस्या नहीं है। फाल्ट सही करने के लिए शटडाउन लेना पड़ता है। - चंद्रमा प्रसाद, अधिशासी अभियंता।