{"_id":"68925e1c71f3a9d86d09c245","slug":"electric-wires-hanging-just-four-to-five-feet-above-the-ground-the-lives-of-doctors-as-well-as-patients-in-the-hospital-are-in-danger-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-135437-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: जमीन से मात्र चार से पांच फीट ऊपर लटक रहे बिजली के तार, अस्पताल में मरीजों के साथ चिकित्सकों की भी खतरे में जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: जमीन से मात्र चार से पांच फीट ऊपर लटक रहे बिजली के तार, अस्पताल में मरीजों के साथ चिकित्सकों की भी खतरे में जान
विज्ञापन
अस्पताल के ऊपर से गुजर रहा तार, जो बिल्कुल सिर की ऊंचाई को छू रहा है
- फोटो : samvad
फोटो संख्या 21
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। मंडलीय जिला चिकित्सालय में दूर-दूर से लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं अस्पताल का उत्तरी रास्ता जो पीछे पोस्टमॉर्टम हाउस की ओर से जा रहा है। उस पर पूरे रास्ते बिजली के तार लटक रहे हैं। जिनसे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बीमार होने के बाद लोग स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए मंडलीय अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन, यहां तो मरीजों के साथ ही चिकित्सकों की जान भी खतरे में हैं। अस्पताल के उत्तरी हिस्से में चिकित्सकों के आवास बने हुए हैं। यहां से निकलकर चिकित्सक अस्पताल और अस्पताल से घर जाते हैं।
यहां बने रास्ते से बहुत से मरीज भी अस्पताल में प्रवेश करते हैं और अपनों की दुर्घटना में मौत होने के बाद लोग इसी रास्ते से पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचते हैं। मरीजों के तीमारदारों के वाहन इसी मार्ग के दोनों तरफ खड़े होते हैं। मार्ग के दोनों तरफ बिजली आपूर्ति के लिए लगे पोलों पर हर तरफ बिजली के तार फैले हुए हैं। यह बिजली के तार जमीन से मात्र चार से पांच फीट की ऊंचाई पर लगे हैं। इनसे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं जिम्मेदार मौन साधे हैं।
वर्जन
इस संबंध में अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि इसके लिए बिजली विभाग से बात की गई है। बरसात के कारण नहीं हो सका लेकिन एक दो दिन में तारों को ऊपर कर दिया जाएगा। इसके लिए बात हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। मंडलीय जिला चिकित्सालय में दूर-दूर से लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं अस्पताल का उत्तरी रास्ता जो पीछे पोस्टमॉर्टम हाउस की ओर से जा रहा है। उस पर पूरे रास्ते बिजली के तार लटक रहे हैं। जिनसे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बीमार होने के बाद लोग स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए मंडलीय अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन, यहां तो मरीजों के साथ ही चिकित्सकों की जान भी खतरे में हैं। अस्पताल के उत्तरी हिस्से में चिकित्सकों के आवास बने हुए हैं। यहां से निकलकर चिकित्सक अस्पताल और अस्पताल से घर जाते हैं।
यहां बने रास्ते से बहुत से मरीज भी अस्पताल में प्रवेश करते हैं और अपनों की दुर्घटना में मौत होने के बाद लोग इसी रास्ते से पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचते हैं। मरीजों के तीमारदारों के वाहन इसी मार्ग के दोनों तरफ खड़े होते हैं। मार्ग के दोनों तरफ बिजली आपूर्ति के लिए लगे पोलों पर हर तरफ बिजली के तार फैले हुए हैं। यह बिजली के तार जमीन से मात्र चार से पांच फीट की ऊंचाई पर लगे हैं। इनसे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं जिम्मेदार मौन साधे हैं।
विज्ञापन
वर्जन
इस संबंध में अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि इसके लिए बिजली विभाग से बात की गई है। बरसात के कारण नहीं हो सका लेकिन एक दो दिन में तारों को ऊपर कर दिया जाएगा। इसके लिए बात हो गई है।
विज्ञापन