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बिजली मंत्री के जिले में बिजली बदहाल
अंबुज राय, आजमगढ़
Updated Mon, 04 Apr 2016 12:02 AM IST
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बिजली बदहाल
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सियासी नजरिए से देखे तो जिले का कद बहुत बड़ा है। बड़ा भी इस कदर कि सूबे में जिस पार्टी की सत्ता है, उसके मुखिया यहां के सांसद हैं। प्रदेश का ऊर्जा राज्यमंत्री भी जिले के हैं। माध्यमिक शिक्षा मंत्री और वन मंत्री की शोभा यहीं के नेता बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा दो अन्य दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री भी हैं। इन सबके बावजूद सियासी गलियारे की हनक जिले की जनता को बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
लोगों की उम्मीद दिन के सपने के मानिंद हो गए हैं। या यूं कहा जा सकता है चिराग तले अंधेरा। शहर से सटे गांव भोरमऊ में में आज तक बिजली ही नहीं पहुंची है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के राज्यपाल के गांव आंधीपुर में टूटे पोल पर ट्रंसफार्मर रखा है। जिले में बिजली व्यवस्था के हालात कैसे होंगे, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।
जनपद में विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद के प्रयास से जहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्घि, उपकेंद्रों की क्षमता वृद्घि की जा रही है। वहीं, विभाग की लापरवाही से उनकी मंशा पर पानी फिर रहा है। जगह-जगह लगे जर्जर तारों के टूटने से कई घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। वहीं खुले में रखे ट्रासंफार्मर दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। अगर नगर क्षेत्र की बात करें तो नगर में लालडिग्गी, बदरका ईदगाह आदि के पास आज भी जमीन पर ट्रांसफार्मर रखकर उससे आपूर्ति की जा रही है। इनकी सुरक्षा का कोई प्रबंध विभाग ने नहीं किया।
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यही हाल नगर के अधिकांश मुहल्लों में जर्जर तार लटके हुए हैं, जिनसे चिंगारी निकलती रहती है और लोगों को दुर्घटना होने का भय सताता है। अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य नगर क्षेत्र में तेजी से चल रहा है। लेकिन कर्मियों द्वारा तार को जमीन के अंदर करने के बजाय केबिल को सड़क पर बिछाकर छोड़ दिए हैं। साथ ही लोगों को कनेक्शन देने के लिए लगाए गए बाक्स सड़कों पर इस तरह से लगाए गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। नगर से सटे करतालपुर से होकर देवपार गांव में जाने वाली सड़क पर ट्रांसफार्मर जलने के बाद विभाग द्वारा ट्राली ट्रांसफार्मर लगाया गया लेकिन महीनों बाद भी विभाग उसे नहीं हटाया।
बिजली विभाग की लापरवाही का आलम ग्रामीणांचलों में और भी देखने को मिलती है। फूलपुर तहसील मुख्यालय के समीप शबाना आजमी रोड पर स्थापित नया 33/11 पावर सब स्टेशन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक चालू नहीं किया जा सका। जिसके चलते फूलपुर नगर में मानक के मुताबिक बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फूलपुर तहसील क्षेत्र के ही पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के गांव आंधीपुर में आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर वर्षों से टूटे पोल पर लटका है। गांव के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत जेई सत्यप्रकाश यादव से की। जेई ने गांव के लोगों को आश्वासन दिया लेकिन यह आश्वासन नेताओं के वादे जैसा निकला, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका।
तहसील के भोरमऊ गांव का कोईरी पूरवे के लोग बिजली की रोशनी से महरूम हैं। जबकि गांव के अन्य हिस्से में आपूर्ति होती है। लोगों के प्रयास पर वर्ष जनवरी माह में गांव तक बिजली ले जाने के लिए 25 खम्भे गाड़कर तार खींचे गए। लेकिन इसे गांव का दुर्भाग्य ही कहा जाए कि तारों में करेंट नहीं दौड़ पाया। वहीं सगड़ी तहसील क्षेत्र के जीयनपुर नगर पंचायत में जर्जर तारों के टूटने से विद्युत की आपूर्ति बाधित होती है।
नगर के चौक मुहल्ला निवासी मनोज बर्नवाल ने कहा कि इस समय बिजली की आपूर्ति तो अच्छी है। लेकिन फाल्ट के चलते आपूर्ति ठप रहती है। अगर रात में फाल्ट हो जाए तो उसको अटेंड करने वाला कोई नहीं होता। नगर के कई क्षेत्रों में लगे तार काफी जर्जर हो चले हैं। अगर उनको बदल दिया जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है।
नगर क्षेत्र के मातबरगंज मुहल्ला निवासी चंद्रभान गुप्ता ने कहा कि नगर में अंडरग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य तो शुरू हुआ, कर्मचारियों की उदासीनता से काम ठप पड़ गया। इसका परिणाम है कि आधे तार सड़क पर बेतरतीब से बिखरे हैं। यही नहीं, कनेक्शन देने के लिए लगाए गए बाक्स सड़क पर लगा दिए गए है। इससे आवागमन बाधित होने लगा है।
बदरका ईदगाह के पास किराए के मकान में रहने वाले फिरोज अहमद ने बताया कि इस मार्ग पर कई विद्यालय हैं, लेकिन यहां ट्रांसफार्मर को जमीन पर रखकर चलाया जा रहा है। खुले में रखा ट्रांसफार्मर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। बोले कम से कम सुरक्षा को ध्यान में रखकर विभाग को इसे घेराना चाहए।
रविवार को छुट्टी के दिन जहां लोग घरों में आराम करने के साथ अन्य मस्ती से रहने का मन बनाए, वहीं दोपहर से बिजली आपूर्ति फाल्ट में बाधित रही। इस दोपहर से कटी बिजली का कारण जानने के लिए संपर्क करने पर विभाग के जेई जाहिद सिद्दकी ने बताया कि सिविल लाइंस मुहल्ले में तार टूट गया है। इस दौरान फाल्ट ठीक होने पर शाम छह बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसी क्रम में शनिवार की शाम बिलरिया की चुंगी मुहल्ले में 11 हजार बोल्ट का तार टूट कर गिर गया। इस दौरान आपूर्ति ठप रही। देर रात 11 बजे के करीब आपूर्ति शुरू हुई।
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लोगों की उम्मीद दिन के सपने के मानिंद हो गए हैं। या यूं कहा जा सकता है चिराग तले अंधेरा। शहर से सटे गांव भोरमऊ में में आज तक बिजली ही नहीं पहुंची है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के राज्यपाल के गांव आंधीपुर में टूटे पोल पर ट्रंसफार्मर रखा है। जिले में बिजली व्यवस्था के हालात कैसे होंगे, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।
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जनपद में विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद के प्रयास से जहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्घि, उपकेंद्रों की क्षमता वृद्घि की जा रही है। वहीं, विभाग की लापरवाही से उनकी मंशा पर पानी फिर रहा है। जगह-जगह लगे जर्जर तारों के टूटने से कई घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। वहीं खुले में रखे ट्रासंफार्मर दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। अगर नगर क्षेत्र की बात करें तो नगर में लालडिग्गी, बदरका ईदगाह आदि के पास आज भी जमीन पर ट्रांसफार्मर रखकर उससे आपूर्ति की जा रही है। इनकी सुरक्षा का कोई प्रबंध विभाग ने नहीं किया।
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यही हाल नगर के अधिकांश मुहल्लों में जर्जर तार लटके हुए हैं, जिनसे चिंगारी निकलती रहती है और लोगों को दुर्घटना होने का भय सताता है। अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य नगर क्षेत्र में तेजी से चल रहा है। लेकिन कर्मियों द्वारा तार को जमीन के अंदर करने के बजाय केबिल को सड़क पर बिछाकर छोड़ दिए हैं। साथ ही लोगों को कनेक्शन देने के लिए लगाए गए बाक्स सड़कों पर इस तरह से लगाए गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। नगर से सटे करतालपुर से होकर देवपार गांव में जाने वाली सड़क पर ट्रांसफार्मर जलने के बाद विभाग द्वारा ट्राली ट्रांसफार्मर लगाया गया लेकिन महीनों बाद भी विभाग उसे नहीं हटाया।
बिजली विभाग की लापरवाही का आलम ग्रामीणांचलों में और भी देखने को मिलती है। फूलपुर तहसील मुख्यालय के समीप शबाना आजमी रोड पर स्थापित नया 33/11 पावर सब स्टेशन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक चालू नहीं किया जा सका। जिसके चलते फूलपुर नगर में मानक के मुताबिक बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फूलपुर तहसील क्षेत्र के ही पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के गांव आंधीपुर में आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर वर्षों से टूटे पोल पर लटका है। गांव के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत जेई सत्यप्रकाश यादव से की। जेई ने गांव के लोगों को आश्वासन दिया लेकिन यह आश्वासन नेताओं के वादे जैसा निकला, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका।
तहसील के भोरमऊ गांव का कोईरी पूरवे के लोग बिजली की रोशनी से महरूम हैं। जबकि गांव के अन्य हिस्से में आपूर्ति होती है। लोगों के प्रयास पर वर्ष जनवरी माह में गांव तक बिजली ले जाने के लिए 25 खम्भे गाड़कर तार खींचे गए। लेकिन इसे गांव का दुर्भाग्य ही कहा जाए कि तारों में करेंट नहीं दौड़ पाया। वहीं सगड़ी तहसील क्षेत्र के जीयनपुर नगर पंचायत में जर्जर तारों के टूटने से विद्युत की आपूर्ति बाधित होती है।
नगर के चौक मुहल्ला निवासी मनोज बर्नवाल ने कहा कि इस समय बिजली की आपूर्ति तो अच्छी है। लेकिन फाल्ट के चलते आपूर्ति ठप रहती है। अगर रात में फाल्ट हो जाए तो उसको अटेंड करने वाला कोई नहीं होता। नगर के कई क्षेत्रों में लगे तार काफी जर्जर हो चले हैं। अगर उनको बदल दिया जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है।
नगर क्षेत्र के मातबरगंज मुहल्ला निवासी चंद्रभान गुप्ता ने कहा कि नगर में अंडरग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य तो शुरू हुआ, कर्मचारियों की उदासीनता से काम ठप पड़ गया। इसका परिणाम है कि आधे तार सड़क पर बेतरतीब से बिखरे हैं। यही नहीं, कनेक्शन देने के लिए लगाए गए बाक्स सड़क पर लगा दिए गए है। इससे आवागमन बाधित होने लगा है।
बदरका ईदगाह के पास किराए के मकान में रहने वाले फिरोज अहमद ने बताया कि इस मार्ग पर कई विद्यालय हैं, लेकिन यहां ट्रांसफार्मर को जमीन पर रखकर चलाया जा रहा है। खुले में रखा ट्रांसफार्मर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। बोले कम से कम सुरक्षा को ध्यान में रखकर विभाग को इसे घेराना चाहए।
रविवार को छुट्टी के दिन जहां लोग घरों में आराम करने के साथ अन्य मस्ती से रहने का मन बनाए, वहीं दोपहर से बिजली आपूर्ति फाल्ट में बाधित रही। इस दोपहर से कटी बिजली का कारण जानने के लिए संपर्क करने पर विभाग के जेई जाहिद सिद्दकी ने बताया कि सिविल लाइंस मुहल्ले में तार टूट गया है। इस दौरान फाल्ट ठीक होने पर शाम छह बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसी क्रम में शनिवार की शाम बिलरिया की चुंगी मुहल्ले में 11 हजार बोल्ट का तार टूट कर गिर गया। इस दौरान आपूर्ति ठप रही। देर रात 11 बजे के करीब आपूर्ति शुरू हुई।