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Azamgarh News: बेटियों की शिक्षा ही कैफी आजमी को सच्ची श्रद्धांजलि
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कैफी आजमी की पुण्यतिथि पर मिजवां स्थित फतेह मंजिल में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते लोग। संवा
मेजवां। कैफी आजमी की 24वीं पुण्यतिथि रविवार को उनके पैतृक गांव मिजवां स्थित फतेह मंजिल में सादगीपूर्वक मनाई गई। लोगों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कैफी के जीवन में उपयोग की गई वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने ‘आज की रात बहुत गर्म हवा चलती है’ सहित कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए।
मिजवां वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कैफी आजमी का प्रसिद्ध गीत ‘कर चले हम फिदा जान-ओ-तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों’ प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में जितेंद्र हरि पांडेय, मिजवां सोसाइटी की सीईओ गुरजीत कौर, प्रबंधक सलीम खान, मनोज कुमार, संयोगिता, गोपाल, पंकज चतुर्वेदी और वंदना मिश्रा समेत कई लोगों ने कैफी आजमी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। जितेंद्र हरि पांडेय ने कहा कि कैफी आजमी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब लोग उनके बताए रास्तों पर चलेंगे।
उन्होंने बताया कि कैफी साहब कहा करते थे कि मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ हूं, आजाद भारत में जी रहा हूं और सोशलिस्ट भारत में मरने की तमन्ना रखता हूं। सलीम खान ने कहा कि कैफी आजमी गांव के विकास और गरीब-असहाय लोगों की आवाज बुलंद करने के लिए हमेशा समर्पित रहे। वहीं गुरजीत कौर ने उन्हें ‘विकास पुरुष’ बताते हुए कहा कि हर बेटी को शिक्षा से जोड़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में प्रिंसिपल वंदना मिश्रा, राजेश यादव, रामफेर, सीताराम, आयशा, लल्लन, शीला यादव, निर्मला आदि रहीं।
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मिजवां वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कैफी आजमी का प्रसिद्ध गीत ‘कर चले हम फिदा जान-ओ-तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों’ प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में जितेंद्र हरि पांडेय, मिजवां सोसाइटी की सीईओ गुरजीत कौर, प्रबंधक सलीम खान, मनोज कुमार, संयोगिता, गोपाल, पंकज चतुर्वेदी और वंदना मिश्रा समेत कई लोगों ने कैफी आजमी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। जितेंद्र हरि पांडेय ने कहा कि कैफी आजमी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब लोग उनके बताए रास्तों पर चलेंगे।
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उन्होंने बताया कि कैफी साहब कहा करते थे कि मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ हूं, आजाद भारत में जी रहा हूं और सोशलिस्ट भारत में मरने की तमन्ना रखता हूं। सलीम खान ने कहा कि कैफी आजमी गांव के विकास और गरीब-असहाय लोगों की आवाज बुलंद करने के लिए हमेशा समर्पित रहे। वहीं गुरजीत कौर ने उन्हें ‘विकास पुरुष’ बताते हुए कहा कि हर बेटी को शिक्षा से जोड़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में प्रिंसिपल वंदना मिश्रा, राजेश यादव, रामफेर, सीताराम, आयशा, लल्लन, शीला यादव, निर्मला आदि रहीं।
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