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पंचायत चुनाव में लगेगी 27,412 कर्मियों की ड्यूटी
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आजमगढ़। पंचायत चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है। निर्वाचन कार्यालय में जिले के सभी विभागों के कर्मचारियों का डाटा फीड कर लिया गया है। इन कर्मियों की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाई जाएगी। जिले में एक ही चरण में चुनाव संपन्न कराने के संकेत मिलने के बाद इस बार कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाना मुश्किल हो सकता है। किसी भी कीमत पर उन्हें ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जाएगा।
पिछले पंचायत चुनाव में जनपद को चार चरणों में बांटकर चुनाव कराया गया था। इस बार एक बार में पूरे जिले में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इस बात के संकेत शासन की ओर से दिए जा चुके हैं। इसे देखते हुए इस बार पंचायत चुनाव में कुल 27412 मतदान कर्मियों की जरूरत होगी। हर बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी के साथ तीन कर्मियों की तैनाती होगी। जनपद में कुल मतदाताओं की संख्या 37 लाख 20 हजार 084 है। मतदान के लिए जनपद की 1858 ग्राम पंचायतों में कुल 2065 मतदान केंद्रों पर 6230 बूथ बनाए गए हैं। 2015 के पंचायत चुनाव में एक बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी और दो कर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन इस बार आयुक्त ने एक बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी और तीन कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया है। पहले एक बूथ पर चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारी तैनात होते थे, उनमें से अब एक की ही ड्यूटी लगायी जाएगी। इसी प्रकार अब संविदा सफाईकर्मी, शिक्षामित्र की भी ड्यूटी लगायी जाएगी। ग्राम रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी आदि को भी मतदान ड्यूटी में शामिल किया जाएगा। ताकि एक साथ चुनाव कराने पर कर्मियों की जो कमी है, उसे पूरा किया जा सके। जनपद में मतदान को संपन्न कराने के लिए बूथों पर 24920 कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा 10 प्रतिशत यानि 2492 कर्मी रिजर्व में रखे जाएंगे। ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें ड्यूटी पर लगाया जा सके। इस प्रकार कुल 27412 मतदान कर्मियों की तैनाती की जाएगी। चुनाव में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत को देखते हुए इस बार कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी कटवाना आसान नहीं होगा।
कोट :
पहले चारो पदों के चुनाव एक साथ होते थे और सभी पदों के मतपत्र अलग-अलग बाक्स में डाले जाते थे। लेकिन इस बार सभी पदों के मतपत्र एक ही बाक्स में डाले जाएंगे। जिसके कारण कर्मियों की संख्या में कटौती की गई है। साथ ही जिले में एक बार में ही चुनाव होने पर काफी संख्या में कर्मियों की जरूरत पड़ेगी। कमी पड़ने पर संविदा कर्मियों की भी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते इस बार मतदान ड्यूटी में लगाए गए लोगों के लिए ड्यूटी कटवाना आसान नहीं होगा। -राकेश सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी।
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पिछले पंचायत चुनाव में जनपद को चार चरणों में बांटकर चुनाव कराया गया था। इस बार एक बार में पूरे जिले में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इस बात के संकेत शासन की ओर से दिए जा चुके हैं। इसे देखते हुए इस बार पंचायत चुनाव में कुल 27412 मतदान कर्मियों की जरूरत होगी। हर बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी के साथ तीन कर्मियों की तैनाती होगी। जनपद में कुल मतदाताओं की संख्या 37 लाख 20 हजार 084 है। मतदान के लिए जनपद की 1858 ग्राम पंचायतों में कुल 2065 मतदान केंद्रों पर 6230 बूथ बनाए गए हैं। 2015 के पंचायत चुनाव में एक बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी और दो कर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन इस बार आयुक्त ने एक बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी और तीन कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया है। पहले एक बूथ पर चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारी तैनात होते थे, उनमें से अब एक की ही ड्यूटी लगायी जाएगी। इसी प्रकार अब संविदा सफाईकर्मी, शिक्षामित्र की भी ड्यूटी लगायी जाएगी। ग्राम रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी आदि को भी मतदान ड्यूटी में शामिल किया जाएगा। ताकि एक साथ चुनाव कराने पर कर्मियों की जो कमी है, उसे पूरा किया जा सके। जनपद में मतदान को संपन्न कराने के लिए बूथों पर 24920 कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा 10 प्रतिशत यानि 2492 कर्मी रिजर्व में रखे जाएंगे। ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें ड्यूटी पर लगाया जा सके। इस प्रकार कुल 27412 मतदान कर्मियों की तैनाती की जाएगी। चुनाव में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत को देखते हुए इस बार कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी कटवाना आसान नहीं होगा।
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कोट :
पहले चारो पदों के चुनाव एक साथ होते थे और सभी पदों के मतपत्र अलग-अलग बाक्स में डाले जाते थे। लेकिन इस बार सभी पदों के मतपत्र एक ही बाक्स में डाले जाएंगे। जिसके कारण कर्मियों की संख्या में कटौती की गई है। साथ ही जिले में एक बार में ही चुनाव होने पर काफी संख्या में कर्मियों की जरूरत पड़ेगी। कमी पड़ने पर संविदा कर्मियों की भी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते इस बार मतदान ड्यूटी में लगाए गए लोगों के लिए ड्यूटी कटवाना आसान नहीं होगा। -राकेश सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी।
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