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शहर और गांव के फेर में सात साल में नहीं बना स्कूल में शौचालय

Mon, 31 Jan 2022 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 31 Jan 2022 11:15 PM IST
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Due to urban and village, children did not get toilet in seven years
कंपोजिट विद्यालय चकगोरया। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। विद्यालयों का कायाकल्प किया जा रहा है लेकिन जिलाधिकारी आवास से सटा कंपोजिट विद्यालय चकगोरया के बच्चों के लिए शौचालय तक नहीं बन पाया है। पिछले सात सालों में प्रशासन यह निर्धारित नहीं कर सका कि यह विद्यालय शहरी क्षेत्र में आता है या ग्रामीण क्षेत्र में।
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चकगोरया स्थित कांशीराम कालोनी में कंपोजिट विद्यालय है। इस विद्यालय में कक्षा एक आठ तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। यह विद्यालय वैसे तो चकगोरया गांव में पड़ता है लेकिन यहां कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत कालोनी का निर्माण करा दिया गया। विद्यालय में दोपहर भोजन ग्रामीण क्षेत्र से आता है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनिल राय 2015 से शौचालय बनवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वे हाईकोर्ट तक मामले को लेकर गए। उच्च न्यायालय ने विद्यालय परिसर में शौचालय निर्माण का आदेश दिया लेकिन सात साल बाद भी शौचालय नहीं बना। विद्यालय का चयन मिशन कायाकल्प के तहत भी हुआ है जिसके तहत विद्यालय के किचेन और ऊपर के बरामदे में टाइल्स लगाई गई लेकिन शौचालय बनवाने की जरूरत नहीं समझी गई। शौचालय बनवाने से ग्राम प्रधान ने इंकार कर दिया। पूर्व बीएसए देवेंद्र पांडेय और पूर्व प्रभारी डीपीआरओ श्रीकांत दरवे भी ग्राम पंचायत को शौचालय बनवाने का निर्देश दे चुके हैं। जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा और खेल एवं युवा कल्याण तथा पंचायती राज मंत्री उपेंद्र तिवारी को पत्र भेजे गए लेकिन काम नहीं हुआ।
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जिम्मेदारों को खबर नहीं
- चकगोरया गांव में तो शौचालय बना है लेकिन विद्यालय में शौचालय क्यों नहीं बना मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मैँ इसके बारे पता करता हूं।
लालजी दुबे, डीपीआरओ
- हर विद्यालय में शौचालय है लेकिन यहां क्यों नहीं बना इसके बारे में मैं नहीं जानता। अभी मैं बाहर हूं लेकिन आकर इसके संबंध में जानकारी करता हूं।
अतुल कुमार, बीएसए
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