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अंडर ग्राउंड केबल का सपना हुआ दफन
azamgarh
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:35 PM IST
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सिधारी थाना के सामने गिरा पड़ा जंक्शन बाक्स।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आजमगढ़। सपा सरकार ने जनपद को तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाने की योजना के तहत अंडर ग्राउंड केबल बिछाने का निर्णय लिया। इसके तहत लगभग 100 करोड़ की लागत से केबल बिछाने का कार्य शुरू हुआ लेकिन चार वर्ष में कार्यदायी संस्था नगर क्षेत्र को तारों के जंजाल से मुक्ति नहीं दिला सकी। जिसका परिणाम है आज भी जनपद में 50 प्रतिशत से अधिक बिजली की हानि हो रही है।
जनपद में बिजली व्यवस्था खस्ताहाल है। हल्की आंधी आने या पानी बरसने के बाद कई इलाकों की बिजली गुल हो जाती है। जिसे देखते हुए सपा सरकार ने यहां पर अंडरग्राउंड केबल बिछाने का निर्णय लिया। इसके तहत पहले 72 करोड़ रुपये आवंटित हुए। इसके बाद यह बजट बढ़कर लगभग सौ करोड़ हो गया।
नगर क्षेत्र में केबल बिछाने का कार्य मुंबई की एक कंपनी को दिया गया। कंपनी ने शुरू में कार्य तेज किया लेकिन बाद में कार्य धीमा होता गया। परिणाम स्वरूप कंपनी निर्धारित समय में पूरे नगर क्षेत्र में केबल नहीं बिछा सकी। काम की समय सीमा तीन बार बढ़ाई गई। आखिरी समय सीमा 30 जून 2017 थी लेकिन कंपनी कार्य पूरा करने में नाकाम रही।
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आज भी जनपद के कुछ हिस्सों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी अंडरग्राउंट केबल से विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज सौ करोड़ की केबल जमीन में दबी सड़ रही है। बताते चलें कि जब केबल बिछाने का कार्य शुरू हुआ तभी से इसको बिछाने में मानक की अनदेखी के आरोप लगते रहे। जिसे लेकर तत्कालीन ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद ने निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने सबकुछ ओके बताया। लेकिन अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह की मानें तो केबल बिछाने में मनमाना रवैया अपनाया गया है।
अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में चार वर्ष से अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य हो रहा है जिसके कारण जर्जर तारों को भी बदला नहीं जा रहा है। इस वजह से एक तो हमारा राजस्व प्रभावित हो रहा है दूसरे उपभोक्ताओं को भी कटौती के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में 50 प्रतिशत से ऊपर लाइन हानि हो रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में मनमाने तरीके से केबल को बिछाया गया है। जिसके कारण पीडब्ल्यूडी द्वारा रोड निर्माण के दौरान केबलों को क्षति पहुुंची है। केबिल कार्य भी अधूरा है जिसके लिए जिलाधिकारी ने एक समिति गठित की है जो जांच कर रही है।
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जनपद में बिजली व्यवस्था खस्ताहाल है। हल्की आंधी आने या पानी बरसने के बाद कई इलाकों की बिजली गुल हो जाती है। जिसे देखते हुए सपा सरकार ने यहां पर अंडरग्राउंड केबल बिछाने का निर्णय लिया। इसके तहत पहले 72 करोड़ रुपये आवंटित हुए। इसके बाद यह बजट बढ़कर लगभग सौ करोड़ हो गया।
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नगर क्षेत्र में केबल बिछाने का कार्य मुंबई की एक कंपनी को दिया गया। कंपनी ने शुरू में कार्य तेज किया लेकिन बाद में कार्य धीमा होता गया। परिणाम स्वरूप कंपनी निर्धारित समय में पूरे नगर क्षेत्र में केबल नहीं बिछा सकी। काम की समय सीमा तीन बार बढ़ाई गई। आखिरी समय सीमा 30 जून 2017 थी लेकिन कंपनी कार्य पूरा करने में नाकाम रही।
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आज भी जनपद के कुछ हिस्सों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी अंडरग्राउंट केबल से विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज सौ करोड़ की केबल जमीन में दबी सड़ रही है। बताते चलें कि जब केबल बिछाने का कार्य शुरू हुआ तभी से इसको बिछाने में मानक की अनदेखी के आरोप लगते रहे। जिसे लेकर तत्कालीन ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद ने निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने सबकुछ ओके बताया। लेकिन अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह की मानें तो केबल बिछाने में मनमाना रवैया अपनाया गया है।
अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में चार वर्ष से अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य हो रहा है जिसके कारण जर्जर तारों को भी बदला नहीं जा रहा है। इस वजह से एक तो हमारा राजस्व प्रभावित हो रहा है दूसरे उपभोक्ताओं को भी कटौती के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में 50 प्रतिशत से ऊपर लाइन हानि हो रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में मनमाने तरीके से केबल को बिछाया गया है। जिसके कारण पीडब्ल्यूडी द्वारा रोड निर्माण के दौरान केबलों को क्षति पहुुंची है। केबिल कार्य भी अधूरा है जिसके लिए जिलाधिकारी ने एक समिति गठित की है जो जांच कर रही है।