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Azamgarh News: कुत्ते, बंदर और बिल्ली हुए खूंखार मार्च में 5445 लोगों को काटा

Sun, 21 Apr 2024 03:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Apr 2024 03:24 AM IST
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Dogs, monkeys and cats became dreaded
आजमगढ़। गर्मी का मौसम शुरू होते ही कुत्ते, बिल्ली और बंदर भी खूंखार हो गए हैं। इनके द्वारा लोगों को अपना शिकार बनाया जा रहा है। वर्तमान में इनके कारण रात के समय सड़कों से गुजरना भारी पड़ रहा है। गर्मी के कारण कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो गए हैं। जो किसी को कहीं भी और कभी भी अपना निशाना बना रहे हैं। अप्रैल माह में अभी 20 दिन ही बीते हैं इनके द्वारा 2045 लोगों को अपना निशाना बनाया गया है।
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गर्मी के मौसम में कुत्ते, बिल्ली और बंदर ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। इनके द्वारा किए गए हमले में लोग घायल हो जाते हैं। वर्तमान में ऐसे लोगों की भीड़ मंडलीय अस्पताल स्थित एंटी रैबीज इजेक्शन रूम में उमड़ रही है। अगर ऐसे लोगों से बात करें तो उनका कहना है कि वह कुछ काम कर रहे थे तभी पीछे आकर कुत्ते ने उन्हें काट लिया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वह कही जा रहे थे तभी अचानक बगल से गुजर रहे कुत्ते ने उन्हें काट लिया। शनिवार को मंडलीय अस्पताल में कुल 189 लोग कुत्ते, बंदर और बिल्ली के काटने के बाद एंटी रैबीज लगवाने के लिए पहुंचे थे।
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गर्मी में पशु हो जाते है आक्रामक
पशु चिकित्सक डॉ. एम प्रसाद ने बताया कि गर्मी के मौसम में कुत्ते ज्यादा आक्रामक होते हैं। इस वजह से वह सड़कों पर आने-जाने वालों को दौड़ाते हुए काट लेते हैं। इसके पीछे पशु चिकित्सक भोजन की कमी और तापमान में उतार-चढ़ाव मानते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, कुत्तों में चिड़-चिड़ापन और बेचैनी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। कुत्ते जीभ से तापमान का नियंत्रण करते हैं। छाया और ताजे पानी की कमी से कभी-कभी उनके अंदर कई तरह के व्यवहार परिवर्तन देखने को मिलते हैं। इसमें भौंकना, आक्रामकता आदि शामिल हैं। वह आते-जाते किसी को भी दौड़ाने लगते हैं और मौका पाते ही काट लेते हैं।
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ऐसे करें बचाव
- कुत्तों से बच्चों को दूर रखें, दौड़ाने पर रुक जाएं।
- कुत्तों के काटने के बाद 10 से 12 बार काटने वाले स्थान को साबुन से धोएं। डॉक्टर से संपर्क कर उपचार कराएं।
- घर के आसपास रहने वाले कुत्तों के पानी और भोजन की व्यवस्था करें।
- गर्मी के समय कुत्तों को परेशान न करें, न ही उन्हें मारें, इससे वह और आक्रामक हो जाते हैं।
- पालक अपने कुत्तों को रैबीज वाले टीके अवश्य लगवा लें।
मार्च महीने के मामले
कुल मामले: 5445
कुत्ता काटने: 2045
बिल्ली काटने: 1400
बंदर: 1800
अन्य: 200
एक अप्रैल से 20 अप्रैल का आंकड़ा
कुल: 2780
कुत्ता काटने: 1500

बंदर काटने: 1000
बिल्ली काटने: 145
अन्य: 135
जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी तक सभी जगहों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज मौजूद है। जो भी मरीज यहां पर पहुंचते हैं उन्हें इंजेक्शन लगाया जा रहा है। - डा. आईएन तिवारी, सीएमओ।
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