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Azamgarh News: देवारा खास राजा गांव टापू में तब्दील, चारों तरफ कई फीट पानी
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चक्की गांव से हाजीपुर गोला संपर्क मार्ग पर गड्ढ़े में असंतुलित बाइक। संवाद
सरयू का जलस्तर बढ़ने से देवारा की 40 हजार आबादी की दुश्वारियां भी बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ से देवारा खास राजा के 10 पूरवे पूरी तरह से टापू में तब्दील हो गए हैं। इसके चलते पांच हजार आबादी घरों में कैद होकर रह गई है।
अब अगर जलस्तर बढ़ा तो घरों के चूल्हे तक पानी पहुंच जाएगा। बाढ़ से महुला-गढ़वल बांध के उत्तर बसे चक्की, देवारा खास राजा, बांका, बुढ़न पट्टी, शाहडीह, सोनौरा, अजगरा, अचल नगर, इस्माइलपुर, नैनीजोर, अराजी नौबरार करखिया किता प्रथम और द्वितीय समेत कई गांवों के संपर्क और लिंक मार्गों पर कई फीट तक पानी लग गया है। खेतों में खड़ी धान और सब्जी की फसल डूब रही है।
महुला-गढ़वल बांध के बेलहिया ढाला से अजगरा जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया है। यहां प्रशासन ने दो नाव लगाई हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं। दूसरी ओर, बाढ़ क्षेत्र में बीमार बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी भी बढ़ गई है।
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देवारा खास राजा के झगरहवा निवासी विद्या देवी एक वर्षीय बीमार बेटे शिवांश को इलाज के लिए नाव से लेकर निकलीं। उन्होंने बताया कि नाव मिलने में भी कई बार परेशानी होती है। नाव से नदी पार करने के बाद चार से पांच किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचना पड़ता है।
देवारा सोनौरा की सावित्री अपनी पोती को दवा दिलाने चांदपट्टी गई थीं। उन्होंने बताया कि गांव में कई लोग बीमार हैं, लेकिन बाढ़ चौकी पर दवा नहीं मिलती। इलाज के लिए रौनापार या चांदपट्टी जाना पड़ता है। संपर्क मार्ग डूबने के कारण नाव से नदी पार करने के बाद तीन-चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
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बच्चों की सुरक्षा पर भी संकट
बाढ़ प्रभावित अजगरा, सोनौरा, अभन पट्टी, धुसवा, महाजी, झगरहवा, झनझनपुर और मानिकपुर के करीब 1500 बच्चे कक्षा एक से 12 तक विभिन्न विद्यालयों में पढ़ते हैं। वहीं बंधे के दक्षिण रौनापार क्षेत्र के बीएसडी इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज, धीरज इंटर कॉलेज, एसआरएस इंटर कॉलेज, एलडी इंटर कॉलेज और जमुवारी रौनापार के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी बच्चे जोखिम उठाकर पहुंच रहे हैं। अजगरा मंगरवी के कंपोजिट विद्यालय में नदी के दूसरी ओर से करीब 150 बच्चे पानी के बीच से आते-जाते थे। विद्यालय की शिक्षिका प्रतिमा गुप्ता ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें स्कूल आने से मना कर दिया है। वहीं कक्षा नौ में पढ़ने वाला राजू साहनी स्कूल जाने के बजाय नाव चलाता मिला। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
-- वर्जन
जिन विद्यालयों में बच्चे जलभराव के बीच से पहुंच रहे हैं, वहां तत्काल बच्चों को विद्यालय आने से रोका जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी बाढ़ चौकियों पर दवा उपलब्ध करा दी गई है और उन्हें अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी चौकी पर कर्मचारी नहीं मिलने पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। बाढ़ क्षेत्र में कुल 22 नावें चलाई जा रही हैं। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।
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सरयू के जलस्तर में दो सेमी की बढ़ोतरी
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में शुक्रवार को मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। बृहस्पतिवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर जलस्तर 72.16 मीटर था, जो शुक्रवार को दो सेमी बढ़कर 72.18 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर जलस्तर 71.35 मीटर से दो सेमी बढ़कर 71.37 मीटर हो गया। डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है, जबकि न्यूनतम जलस्तर 68.90 और अधिकतम 72.59 मीटर दर्ज किया गया है। इसी तरह बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। यहां न्यूनतम जलस्तर 70.25 और अधिकतम 73.52 मीटर है। दोनों स्थानों पर जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर बना हुआ है।
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अब अगर जलस्तर बढ़ा तो घरों के चूल्हे तक पानी पहुंच जाएगा। बाढ़ से महुला-गढ़वल बांध के उत्तर बसे चक्की, देवारा खास राजा, बांका, बुढ़न पट्टी, शाहडीह, सोनौरा, अजगरा, अचल नगर, इस्माइलपुर, नैनीजोर, अराजी नौबरार करखिया किता प्रथम और द्वितीय समेत कई गांवों के संपर्क और लिंक मार्गों पर कई फीट तक पानी लग गया है। खेतों में खड़ी धान और सब्जी की फसल डूब रही है।
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महुला-गढ़वल बांध के बेलहिया ढाला से अजगरा जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया है। यहां प्रशासन ने दो नाव लगाई हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं। दूसरी ओर, बाढ़ क्षेत्र में बीमार बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी भी बढ़ गई है।
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देवारा खास राजा के झगरहवा निवासी विद्या देवी एक वर्षीय बीमार बेटे शिवांश को इलाज के लिए नाव से लेकर निकलीं। उन्होंने बताया कि नाव मिलने में भी कई बार परेशानी होती है। नाव से नदी पार करने के बाद चार से पांच किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचना पड़ता है।
देवारा सोनौरा की सावित्री अपनी पोती को दवा दिलाने चांदपट्टी गई थीं। उन्होंने बताया कि गांव में कई लोग बीमार हैं, लेकिन बाढ़ चौकी पर दवा नहीं मिलती। इलाज के लिए रौनापार या चांदपट्टी जाना पड़ता है। संपर्क मार्ग डूबने के कारण नाव से नदी पार करने के बाद तीन-चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
बच्चों की सुरक्षा पर भी संकट
बाढ़ प्रभावित अजगरा, सोनौरा, अभन पट्टी, धुसवा, महाजी, झगरहवा, झनझनपुर और मानिकपुर के करीब 1500 बच्चे कक्षा एक से 12 तक विभिन्न विद्यालयों में पढ़ते हैं। वहीं बंधे के दक्षिण रौनापार क्षेत्र के बीएसडी इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज, धीरज इंटर कॉलेज, एसआरएस इंटर कॉलेज, एलडी इंटर कॉलेज और जमुवारी रौनापार के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी बच्चे जोखिम उठाकर पहुंच रहे हैं। अजगरा मंगरवी के कंपोजिट विद्यालय में नदी के दूसरी ओर से करीब 150 बच्चे पानी के बीच से आते-जाते थे। विद्यालय की शिक्षिका प्रतिमा गुप्ता ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें स्कूल आने से मना कर दिया है। वहीं कक्षा नौ में पढ़ने वाला राजू साहनी स्कूल जाने के बजाय नाव चलाता मिला। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
जिन विद्यालयों में बच्चे जलभराव के बीच से पहुंच रहे हैं, वहां तत्काल बच्चों को विद्यालय आने से रोका जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी बाढ़ चौकियों पर दवा उपलब्ध करा दी गई है और उन्हें अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी चौकी पर कर्मचारी नहीं मिलने पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। बाढ़ क्षेत्र में कुल 22 नावें चलाई जा रही हैं। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।
सरयू के जलस्तर में दो सेमी की बढ़ोतरी
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में शुक्रवार को मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। बृहस्पतिवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर जलस्तर 72.16 मीटर था, जो शुक्रवार को दो सेमी बढ़कर 72.18 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर जलस्तर 71.35 मीटर से दो सेमी बढ़कर 71.37 मीटर हो गया। डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है, जबकि न्यूनतम जलस्तर 68.90 और अधिकतम 72.59 मीटर दर्ज किया गया है। इसी तरह बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। यहां न्यूनतम जलस्तर 70.25 और अधिकतम 73.52 मीटर है। दोनों स्थानों पर जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर बना हुआ है।

चक्की गांव से हाजीपुर गोला संपर्क मार्ग पर गड्ढ़े में असंतुलित बाइक। संवाद

चक्की गांव से हाजीपुर गोला संपर्क मार्ग पर गड्ढ़े में असंतुलित बाइक। संवाद