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Azamgarh News: पांव पसार रहा डेंगू, नगर में नहीं हुई फागिंग
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क्षेत्र में बढ़ते डेंगू के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष जिले में कुल 14 मरीज सामने आ चुके हैं। मच्छरों की भरमार ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। नगर क्षेत्र के किसी मुहल्ले में फागिंग नहीं हुई। चिकित्सक कहते हैं कि क्षेत्रों में रुक-रुक कर फागिंग करवाने से कोई लाभ नहीं है।
नगर पालिका द्वारा नगर क्षेत्र में फागिंग का दावा तो किया जाता है। लेकिन कई मुहल्लों की पड़ताल जितने भी लोग मिले किसी ने भी नहीं कहा कि नगर क्षेत्र में फागिंग हुई हो। वर्तमान में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। जिसके कारण दिन ढ़लने के बाद घर के बाहर रहना दूभर हो जाता है। वर्तमान में हर घर में बुखार के मरीज है। कोई टायफाइड से पीड़ित है तो कोई मलेरियां से तो कोई प्लेटनलेट्स की कमी होने से बिस्तर पर लेटा है। इसके बाद भी नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बरकरार है।
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बोले लोग
हमारे मुहल्ले में बरसात होते ही जल-जमाव हो जाता है। जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ जाता है। अभी तक फागिंग नहीं कराई गई। -राजू सेठ, दलसिंगार मुहल्ला
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हमारे मोहल्ले में कब फागिंग हुई इसका मुझे याद नहीं है। अलवत्ता नगरपालिका की बजाए एक समाजसेवी संस्था के कार्यकर्ता फागिंग करते हुए मिल जाते हैं। -अनूप, मातबरगंज
फागिंग के नाम पर जिले में बड़ा खेल किया जा रहा है। नगरपालिका द्वारा दावा तो किया जाता है कि फागिंग हो रही है लेकिन कहां यह कोई नहीं जानता। -सुरेश, पुरानी कोतवाली
मोहल्ले में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। शाम के समय घर के बाहर रहना दूभर हो जाता है। फिर भी नगरपालिका द्वारा फागिंग नहीं कराई जा रही है। -भोला, एलवल
कोट
नगर क्षेत्र में फागिंग का रोस्टर बना हुआ है। जिसके हिसाब से प्रतिदिन फागिंग का कार्य कराया जा रहा है। अब तक किन क्षेत्रों में फागिंग हो चुकी है इस संबंध में बता पाना मुश्किल है क्योंकि मैं मीटिंग में हूं। -मनोज कुमार, ईओ नगरपालिका आजमगढ़।
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नगर पालिका द्वारा नगर क्षेत्र में फागिंग का दावा तो किया जाता है। लेकिन कई मुहल्लों की पड़ताल जितने भी लोग मिले किसी ने भी नहीं कहा कि नगर क्षेत्र में फागिंग हुई हो। वर्तमान में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। जिसके कारण दिन ढ़लने के बाद घर के बाहर रहना दूभर हो जाता है। वर्तमान में हर घर में बुखार के मरीज है। कोई टायफाइड से पीड़ित है तो कोई मलेरियां से तो कोई प्लेटनलेट्स की कमी होने से बिस्तर पर लेटा है। इसके बाद भी नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बरकरार है।
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बोले लोग
हमारे मुहल्ले में बरसात होते ही जल-जमाव हो जाता है। जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ जाता है। अभी तक फागिंग नहीं कराई गई। -राजू सेठ, दलसिंगार मुहल्ला
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हमारे मोहल्ले में कब फागिंग हुई इसका मुझे याद नहीं है। अलवत्ता नगरपालिका की बजाए एक समाजसेवी संस्था के कार्यकर्ता फागिंग करते हुए मिल जाते हैं। -अनूप, मातबरगंज
फागिंग के नाम पर जिले में बड़ा खेल किया जा रहा है। नगरपालिका द्वारा दावा तो किया जाता है कि फागिंग हो रही है लेकिन कहां यह कोई नहीं जानता। -सुरेश, पुरानी कोतवाली
मोहल्ले में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। शाम के समय घर के बाहर रहना दूभर हो जाता है। फिर भी नगरपालिका द्वारा फागिंग नहीं कराई जा रही है। -भोला, एलवल
कोट
नगर क्षेत्र में फागिंग का रोस्टर बना हुआ है। जिसके हिसाब से प्रतिदिन फागिंग का कार्य कराया जा रहा है। अब तक किन क्षेत्रों में फागिंग हो चुकी है इस संबंध में बता पाना मुश्किल है क्योंकि मैं मीटिंग में हूं। -मनोज कुमार, ईओ नगरपालिका आजमगढ़।