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जांच प्रक्रिया तेज कर शीघ्र भर्ती किए जाने की मांग
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आजमगढ़। ग्राम पंचायत अधिकारी व विकास अधिकारी पद के चयनित उम्मीदवारों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र परियोजना निदेशक को सौंपा। जांच प्रक्रिया में तेजी लाकर शीघ्र भर्ती किए जाने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा मई-जून 2018 में ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी की प्रतियोगी परीक्षा कराई गई। अगस्त 2019 में अंतिम परिणाम आयोग की वेबसाइट पर जारी किया गया। बाद की प्रक्रिया में आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज का सत्यापन करवाकर लिस्ट विभाग को भेज दी थी। अगस्त 2019 से लेकर फरवरी 2020 तक आयोग के कैलेंडर में हर महीने भर्ती के दस्तावेज सत्यापन का प्रोग्राम प्रकाशित कर निरस्त किया जाता रहा। जब इसकी जानकारी लेने अभ्यर्थी आयोग गए तो जांच कराए जाने का हवाला देकर सभी को वापस कर दिया गया। इस मामले को लेकर दो-तीन बार धरना-प्रदर्शन किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि आयोग ने फरवरी 2020 के अंत में पुन: संशोधित परिणाम आयोग की वेबसाइट पर जारी किया। इसमें कुल 1952 रिक्तियों के सापेक्ष सिर्फ 1553 सफल उम्मीदवारों के दस्तावेज का सत्यापन कराकर आयोग की वेबसाइट पर डाल दिया गया। शेष 399 अभ्यर्थियों की मूल और द्वितीय ओमएमआर कापियों में अंतर पाए जाने के कारण पुन: जांच के अधीन रखा गया। कोरोना संक्रमण के कारण जांच की प्रक्रिया ठप हो गई। समस्त ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी के चयनित उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री से जांच प्रक्रिया को तेज कर शीघ्र नियुक्ति किए जाने का अनुरोध किया है।
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा मई-जून 2018 में ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी की प्रतियोगी परीक्षा कराई गई। अगस्त 2019 में अंतिम परिणाम आयोग की वेबसाइट पर जारी किया गया। बाद की प्रक्रिया में आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज का सत्यापन करवाकर लिस्ट विभाग को भेज दी थी। अगस्त 2019 से लेकर फरवरी 2020 तक आयोग के कैलेंडर में हर महीने भर्ती के दस्तावेज सत्यापन का प्रोग्राम प्रकाशित कर निरस्त किया जाता रहा। जब इसकी जानकारी लेने अभ्यर्थी आयोग गए तो जांच कराए जाने का हवाला देकर सभी को वापस कर दिया गया। इस मामले को लेकर दो-तीन बार धरना-प्रदर्शन किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि आयोग ने फरवरी 2020 के अंत में पुन: संशोधित परिणाम आयोग की वेबसाइट पर जारी किया। इसमें कुल 1952 रिक्तियों के सापेक्ष सिर्फ 1553 सफल उम्मीदवारों के दस्तावेज का सत्यापन कराकर आयोग की वेबसाइट पर डाल दिया गया। शेष 399 अभ्यर्थियों की मूल और द्वितीय ओमएमआर कापियों में अंतर पाए जाने के कारण पुन: जांच के अधीन रखा गया। कोरोना संक्रमण के कारण जांच की प्रक्रिया ठप हो गई। समस्त ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी के चयनित उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री से जांच प्रक्रिया को तेज कर शीघ्र नियुक्ति किए जाने का अनुरोध किया है।
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