{"_id":"5f415a5f8ebc3e3cac553eba","slug":"danger-hovered-over-gangepur-ring-dam-ghaghra-stabilized-after-dwindling-azamgarh-news-vns5428739174","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांगेपुर रिंग बांध पर मंडराया खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांगेपुर रिंग बांध पर मंडराया खतरा
विज्ञापन
मसुरियापुर ढाला के पास बंधे को काट रहा पानी का दबाव।
- फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव में स्थिरता दर्ज की गई। लेकिन इसके बाद भी देवारावासियों की मुसीबत कम नहीं हुई है। गांगेपुर रिंग बांध आधा कट चुका है जिससे बांध के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
शुक्रवार की शाम बदरहुंआ नाले पर घाघरा नदी का जलस्तर 72.60 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार की सुबह आठ बजे छह सेमी घटर 72.54 मीटर पर आ गया। इसके बाद शाम को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 86 सेमी अधिक है। वहीं डिघिया पर शुक्रवार की शाम नदी का जलस्तर 71.71 मीटर दर्ज किया गया था।
यहां पर शनिवार की सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर तीन सेमी घटकर 71.68 मीटर हो गया। शाम को इसमें कोई घटाव दर्ज नहीं किया गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 70.40 मीटर से 128 सेमी अधिक है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर घाघरा नदी के तेज बहाव से गाजीपुर रिंग बांध जिसका निर्माण मनरेगा से कराया गया है उसका अस्तित्व खतरे में है। शनिवार की दोपहर में घाघरा के तेज बहाव से रिंग बांध टूटने लगा। जिस पर ग्राम प्रधान सहित सभी ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पेड़ पौधों, लकड़ी व बोरी डालकर टूटने से बचा लिया पर अभी रिंग मार्ग पर खतरा बना हुआ है। उपजिलाधिकारी सगड़ी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि बांध को किसी भी हालत पर टूटने नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग से बोरी मंगा कर कट रहे बांध पर लगाया गया है। रामनिवास यादव ने बताया कि सुबह थोड़ा सा कटा फिर दोपहर होते-होते बंधे के आधे हिस्से तक मिट्टी कट कर नदी में चली गई। काफी प्रयास के बाद उसे रोका गया। वहीं देवारा खास राजा चक्की के पास नदी के बीच में रेती पर 50 और पशु गाय बछड़ा मरे पड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह पशु पानी में खड़ा खड़ा उनके पैर अकड़ गए और शरीर में सड़न शुरू हो गई जिससे उनकी मौत हो गई।
जागबली पुरवा के बाद भिमली का पुरवा भी कटा
लाटघाट। सगडी तहसील के देवारा खास राजा गाव के जागबली के पुरवा के बाद अब भीमली के पुरवा के भी लोग कट गए हैं। भीमली, झीनक, गिरजा, जयराम, दयाराम, आदि के घर कट गए। अचल नगर मे देवारा अचल सिंह, देवारा गरीब दूबे में भी कटान तेज हो रही है। अब झगरहवा और बगहवा की बारी है। इन गावों की तरह ही अब इन दो गावों पर कटान का खतरा मंड़रा रहा है।
विज्ञापन
शुक्रवार की शाम बदरहुंआ नाले पर घाघरा नदी का जलस्तर 72.60 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार की सुबह आठ बजे छह सेमी घटर 72.54 मीटर पर आ गया। इसके बाद शाम को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 86 सेमी अधिक है। वहीं डिघिया पर शुक्रवार की शाम नदी का जलस्तर 71.71 मीटर दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
यहां पर शनिवार की सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर तीन सेमी घटकर 71.68 मीटर हो गया। शाम को इसमें कोई घटाव दर्ज नहीं किया गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 70.40 मीटर से 128 सेमी अधिक है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर घाघरा नदी के तेज बहाव से गाजीपुर रिंग बांध जिसका निर्माण मनरेगा से कराया गया है उसका अस्तित्व खतरे में है। शनिवार की दोपहर में घाघरा के तेज बहाव से रिंग बांध टूटने लगा। जिस पर ग्राम प्रधान सहित सभी ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पेड़ पौधों, लकड़ी व बोरी डालकर टूटने से बचा लिया पर अभी रिंग मार्ग पर खतरा बना हुआ है। उपजिलाधिकारी सगड़ी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि बांध को किसी भी हालत पर टूटने नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग से बोरी मंगा कर कट रहे बांध पर लगाया गया है। रामनिवास यादव ने बताया कि सुबह थोड़ा सा कटा फिर दोपहर होते-होते बंधे के आधे हिस्से तक मिट्टी कट कर नदी में चली गई। काफी प्रयास के बाद उसे रोका गया। वहीं देवारा खास राजा चक्की के पास नदी के बीच में रेती पर 50 और पशु गाय बछड़ा मरे पड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह पशु पानी में खड़ा खड़ा उनके पैर अकड़ गए और शरीर में सड़न शुरू हो गई जिससे उनकी मौत हो गई।
जागबली पुरवा के बाद भिमली का पुरवा भी कटा
लाटघाट। सगडी तहसील के देवारा खास राजा गाव के जागबली के पुरवा के बाद अब भीमली के पुरवा के भी लोग कट गए हैं। भीमली, झीनक, गिरजा, जयराम, दयाराम, आदि के घर कट गए। अचल नगर मे देवारा अचल सिंह, देवारा गरीब दूबे में भी कटान तेज हो रही है। अब झगरहवा और बगहवा की बारी है। इन गावों की तरह ही अब इन दो गावों पर कटान का खतरा मंड़रा रहा है।