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साधना, सर्जना, संघर्ष, सद्भाव और साझा संस्कृति बनेगा महोत्सव का आधार

Mon, 11 Nov 2019 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 11:24 PM IST
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Cultivation, creativity, struggle, harmony and shared culture will form the basis of the festival
आजमगढ़। दिसंबर माह में प्रस्तावित आजमगढ़ महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। एक तरफ महोत्सव में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। वहीं जिलाधिकारी एनपी सिंह ने साधना, सर्जना, संघर्ष, सद्भाव और साझा संस्कृति को महोत्सव का आधार बनाया है। इसी पर महोत्सव का थीम सांग डिजाइन किया जाएगा। साथ ही लोगो और टैग लाइन भी इसी से संबंधित होंगे। थीम सांग के लिए जहां कई कलाकारों से बात हुई है। वहीं, आमजन से भी इस बारे में सीधे प्रविष्टियां मांगी गई है। इसे सीधे जिला सूचना विभाग को भेजा जा सकता है। किसी भी कटेगरी में चयनित होने पर प्रविष्टि भेजने वालों का पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
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जिन पांच शब्दों को आजमगढ़ महोत्सव का आधार बनाया गया है। उसका जनपद से सीधे जुड़ाव रहे हैं। जनपद को ऋषि-मुनियों की धरती कहा जाता है। दुर्वासा, दत्तात्रेय, चंद्रमा ऋषि इसके प्रमाण हैं। इसीलिए साधना शब्द को चुना गया है। साहित्य सृजन और कला की बात की जाए और जनपद का नाम न आए ये हो ही नहीं सकता है। कवि अयोद्या सिंह उपाध्याय हरिऔध, राहुल सांकृत्यायन, अल्लामा शिबली नोमानी, कैफी आजमी, शबाना कई नाम इसमें शामिल हैं। आजादी की लड़ाई में शामिल यहां के भारत माता के दीवाने संघर्ष शब्द को चरितार्थ करते हैं। जनपद को भले ही संवेदनशील की श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन यहां का आपसी सद्भाव और साझा संस्कृति भी काफी प्रसिद्ध है। इसी कारण इन पांचों शब्दों को आजमगढ़ महोत्सव का आधार बनाया गया है। महोत्सव का थीम सांग इसी पर बनेगा। इसके लिए विश्व कम का थीम सांग दे घुमा के लिखने वाले जनपद के मनोज यादव समेत अन्य से भी इसके लिए बात हुई है। इसी आधार पर लोगो और टैग लाइन भी रखा जाएगी। आमजन भी इन कटेगरी में अपनी प्रविष्टि भेजकर अपनी सहभागिता निभा सकते हैं। इसे जिला सूचना अधिकारी के पास भेजना होगा। किसी भी कटेगरी में चयनित होने पर प्रविष्टि का न सिर्फ महोत्सव में इस्तेमाल किया जाएगा, बल्कि उसे उचित पुरस्कार भी दिया जाएगा।
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सात दिसंबर से होगी शुरुआत
आजमगढ़। जिला प्रशासन की ओर से आजमगढ़ महोत्सव को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले तहसीलों से इसकी शुरुआत होगी। सबसे पहले आयोजन निजामाबाद और मेंहनगर तहसील में होगा। संभावना जताई जा रही है कि सात दिसंबर से दो दिवसीय आयोजन होगा। 9-10 में लालगंज और बूढ़नपुर, 11-12 सगड़ी और मार्टीनगंज, 13 से 14 दिसंबर को सदर और फूलपुर में आयोजन होगा। इसके लिए एसडीएम व्यवस्था सीमिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शहर के आईटीआई मैदान में जनपदीय महोत्सव 16 से 18 दिसंबर तक होगा।
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