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Azamgarh News: फसल की चिंता ने बढ़ाया रुझान, बीमा कराने वाले किसानों की संख्या हुई दोगुनी
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बरदह क्षेत्र में लगी धान की फसल। संवाद
जिले में फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या इस बार बढ़ गई है। पिछले साल जहां 13,430 किसान क्षतिपूर्ति के लिए खरीफ में धान की फसल का बीमा कराए थे, वहीं इस बार उनकी संख्या बढ़कर 27,050 हो गई है। इससे 1.25 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा हुआ है।
किसानों को दैवीय आपदा से फसल नुकसान होने या क्रॉप कटिंग में मानक से कम उपज निकलने पर बीमित कंपनी की तरफ से क्षतिपूर्ति दी जाती है। लेकिन किसानों को इसके लिए पहले अपनी फसल का बीमा करना होता है।
खरीफ सीजन में जिले में मुख्यरूप से किसान धान की खेती करते हैं। हर साल जुलाई माह में धान की फसल का बीमा होता था, लेकिन इस बार एक से 31 अगस्त के बीच बीमा कराने का समय निर्धारित है।
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फसल बीमा के जिला समन्वयक सोहित यादव ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार दोगुने किसानों ने फसल बीमा करा लिया है। 25 अगस्त तक 27,050 किसानों का फसल बीमा हो चुका है।
बीमित किसानों की संख्या में हुए इजाफे को विभाग किसानों में बढ़ी जागरूकता के साथ ही मौसम की अनिश्चितता से जोड़कर देख रहा है, जिसके कारण किसान फसल बीमा कराने को आगे आ रहे हैं।
शासन की तरफ से बैंकों को भी ऋणी किसानों का अधिक से अधिक बीमा करने का निर्देश दिया गया था। अभी 31 अगस्त तक फसल बीमा होना है। इसलिए बीमित किसानों की संख्या और बढ़ेगी।
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फसल बीमा को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ी है। 27 हजार किसान बीमा करा चुके हैं। 31 अगस्त तक बीमित किसानों की संख्या और बढ़ेगी। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।
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किसानों को दैवीय आपदा से फसल नुकसान होने या क्रॉप कटिंग में मानक से कम उपज निकलने पर बीमित कंपनी की तरफ से क्षतिपूर्ति दी जाती है। लेकिन किसानों को इसके लिए पहले अपनी फसल का बीमा करना होता है।
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खरीफ सीजन में जिले में मुख्यरूप से किसान धान की खेती करते हैं। हर साल जुलाई माह में धान की फसल का बीमा होता था, लेकिन इस बार एक से 31 अगस्त के बीच बीमा कराने का समय निर्धारित है।
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फसल बीमा के जिला समन्वयक सोहित यादव ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार दोगुने किसानों ने फसल बीमा करा लिया है। 25 अगस्त तक 27,050 किसानों का फसल बीमा हो चुका है।
बीमित किसानों की संख्या में हुए इजाफे को विभाग किसानों में बढ़ी जागरूकता के साथ ही मौसम की अनिश्चितता से जोड़कर देख रहा है, जिसके कारण किसान फसल बीमा कराने को आगे आ रहे हैं।
शासन की तरफ से बैंकों को भी ऋणी किसानों का अधिक से अधिक बीमा करने का निर्देश दिया गया था। अभी 31 अगस्त तक फसल बीमा होना है। इसलिए बीमित किसानों की संख्या और बढ़ेगी।
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फसल बीमा को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ी है। 27 हजार किसान बीमा करा चुके हैं। 31 अगस्त तक बीमित किसानों की संख्या और बढ़ेगी। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।