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एसडीएम कोर्ट में तोड़फोड़, जान मारने की धमकी
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:56 PM IST
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एसडीएम कोर्ट में तोडफ़ोड़, जान मारने की धमकी
वकीलों के व्यवहार से दुखी एसडीएम ने दी थाने में तहरीर
कोर्ट की ओर से एक पक्षीय फैसला सुनाने से नाराज थे वकील
अमर उजाला ब्यूरो
बूढनपुर। तहसीलदार और एसडीएम कोर्ट में दाखिल मुकदमों में एक पक्षीय फैसला सुनाने से नाराज अधिवक्ताओं ने गुरुवार दोपहर को एसडीएम न्यायालय में जमकर तोड़फोड़ की। साथ ही एसडीएम और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद एसडीएम ने कप्तानगंज थाने में तहरीर दी। इसमें 50 से अधिक वकीलों को आरोपित किया है। उधर एसडीएम सहित अन्य कोर्ट से एक पक्षीय फैसला सुनाने से नाराज अधिवक्ता संगठन भी प्रशासन से दो-दो हाथ करने के लिए अपनी अगली रणनीति तैयार कर रहा है। हालांकि अभी तक घटना के संबंध में रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है।
एसडीएम बूढनपुर इंद्रभान तिवारी के मुताबिक गुरुवार दोपहर को वह अपने आफिस में बैठे थे। तभी अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा। अधिवक्तागण शिकायत करने लगे कि तहसीलदार न्यायालय में चल रहे ज्यादातर मुकदमों में एक पक्षीय आदेश दिया जा रहा है। जबकि दूसरे पक्ष को सुना ही नहीं जा रहा। यही स्थिति एसडीएम न्यायालय की भी है। वकीलों की बात सुनने के बाद एसडीएम ने कहा कि जब ज्यादातर वकील हड़ताल के मुड में रहते हैं, इसके चलते न्यायालय में सुनवाई बाधित रहती है। ऐसे में जिन मामलों का निस्तारण होने लायक होता है। उसमें लेखपाल, कानूनगो आदि से रिपोर्ट मंगा ली जाती है। मामला सही पाए जाने पर उसके हक में फैसला दे दिया जाता है। इस पर अधिवक्तागण भड़क गए और बदसलूकी करने लगे। बीच- बचाव करने पहुंचे एसडीएम के स्टोनो सहित अन्य कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की गई। भड़के वकीलों ने न्यायालय में कुर्सी, मेज, खिड़की आदि तोड़कर नष्ट कर दी। साथ ही तहसील परिसर में कार्य बहिष्कार कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। निर्णय लिया कि एसडीएम का ट्रांसफर होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। उधर मामला शांत होने पर एसडीएम ने एसओ कप्तानगंज को बुलाया और घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। जिसमें 50 से अधिक वकीलों पर तोड़फोड़ , जान से मारने की धमकी सहित अन्य आरोप लगाए हैं। इस संबंध में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बलरामपुर यादव ने कहा कि तहसीलदार और एसडीएम रिश्वत लेकर एक पक्षीय फैसला सुना रहे। वहीं एसपी ग्रामीण का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं आया है। यदि एसडीएम की तरफ से तहरीर दी गई तो केस दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आशीष तिवारी
वकीलों के व्यवहार से दुखी एसडीएम ने दी थाने में तहरीर
कोर्ट की ओर से एक पक्षीय फैसला सुनाने से नाराज थे वकील
अमर उजाला ब्यूरो
बूढनपुर। तहसीलदार और एसडीएम कोर्ट में दाखिल मुकदमों में एक पक्षीय फैसला सुनाने से नाराज अधिवक्ताओं ने गुरुवार दोपहर को एसडीएम न्यायालय में जमकर तोड़फोड़ की। साथ ही एसडीएम और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद एसडीएम ने कप्तानगंज थाने में तहरीर दी। इसमें 50 से अधिक वकीलों को आरोपित किया है। उधर एसडीएम सहित अन्य कोर्ट से एक पक्षीय फैसला सुनाने से नाराज अधिवक्ता संगठन भी प्रशासन से दो-दो हाथ करने के लिए अपनी अगली रणनीति तैयार कर रहा है। हालांकि अभी तक घटना के संबंध में रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है।
एसडीएम बूढनपुर इंद्रभान तिवारी के मुताबिक गुरुवार दोपहर को वह अपने आफिस में बैठे थे। तभी अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा। अधिवक्तागण शिकायत करने लगे कि तहसीलदार न्यायालय में चल रहे ज्यादातर मुकदमों में एक पक्षीय आदेश दिया जा रहा है। जबकि दूसरे पक्ष को सुना ही नहीं जा रहा। यही स्थिति एसडीएम न्यायालय की भी है। वकीलों की बात सुनने के बाद एसडीएम ने कहा कि जब ज्यादातर वकील हड़ताल के मुड में रहते हैं, इसके चलते न्यायालय में सुनवाई बाधित रहती है। ऐसे में जिन मामलों का निस्तारण होने लायक होता है। उसमें लेखपाल, कानूनगो आदि से रिपोर्ट मंगा ली जाती है। मामला सही पाए जाने पर उसके हक में फैसला दे दिया जाता है। इस पर अधिवक्तागण भड़क गए और बदसलूकी करने लगे। बीच- बचाव करने पहुंचे एसडीएम के स्टोनो सहित अन्य कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की गई। भड़के वकीलों ने न्यायालय में कुर्सी, मेज, खिड़की आदि तोड़कर नष्ट कर दी। साथ ही तहसील परिसर में कार्य बहिष्कार कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। निर्णय लिया कि एसडीएम का ट्रांसफर होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। उधर मामला शांत होने पर एसडीएम ने एसओ कप्तानगंज को बुलाया और घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। जिसमें 50 से अधिक वकीलों पर तोड़फोड़ , जान से मारने की धमकी सहित अन्य आरोप लगाए हैं। इस संबंध में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बलरामपुर यादव ने कहा कि तहसीलदार और एसडीएम रिश्वत लेकर एक पक्षीय फैसला सुना रहे। वहीं एसपी ग्रामीण का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं आया है। यदि एसडीएम की तरफ से तहरीर दी गई तो केस दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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आशीष तिवारी