{"_id":"59d7c6c64f1c1b98678b46ae","slug":"91507313350-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिसने राज छिपाया उसी का कर दिया कत्ल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिसने राज छिपाया उसी का कर दिया कत्ल
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेंहनगर। थाना क्षेत्र के बेनूपुर गांव में शराब पीने के लिए पैसे न देने पर अपनी मां की पीट पीटकर हत्या कर देने की घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गरमा गया। लोगों में यह चर्चा रही कि जिस रविंद्र का हाथ अपने बड़े भाई के खून से सना था। उसे उसकी मां ने ही बचा लिया था। उस ऐहसान का बदला रविंद्र ने अपनी मां की हत्या करके चुकाया।
बता दें कि बेनूपुर गांव निवासी स्व. रामबचन सिंह के तीन बेटों में दूसरे नंबर के बेटे महेंद्र सिंह की सितंबर 2015 में हत्या कर दी गई थी। उस समय यह जोरों की चर्चा उठी की महेंद्र की हत्या में उसके छोटे भाई रविंद्र सिंह का हाथ है। हालांकि लोगों की अटकलों और पुलिस की संभावनाओं पर पर्दा डालते हुए रविंद्र की मां राधिका सिंह ने उसे साफ बचा लिया। घर वालों की तरफ से कोई शिकायत न होने पर पुलिस भी मौन साध गई। उसी बेटे की लाठी ने गुरुवार की रात अपनी मां राधिका देवी की जान ले ली। नाबालिग बच्चों ने चाचा रविंद्र सिंह के कृत्यों पर उस समय तो विरोध नहीं किया। लेकिन जब दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह गांव वालों और घर वालों का सहारा मिला तो पुलिस के समक्ष सारी कहानी कह डाली। इस घटना के बाद क्षेत्र में इसी बात की चर्चा है कि जिस बेटे के कृत्य पर उसकी मां ने पर्दा डालकर उसे बचा लिया था। वही बेटा उसका हत्यारा बन गया।
विज्ञापन
बता दें कि बेनूपुर गांव निवासी स्व. रामबचन सिंह के तीन बेटों में दूसरे नंबर के बेटे महेंद्र सिंह की सितंबर 2015 में हत्या कर दी गई थी। उस समय यह जोरों की चर्चा उठी की महेंद्र की हत्या में उसके छोटे भाई रविंद्र सिंह का हाथ है। हालांकि लोगों की अटकलों और पुलिस की संभावनाओं पर पर्दा डालते हुए रविंद्र की मां राधिका सिंह ने उसे साफ बचा लिया। घर वालों की तरफ से कोई शिकायत न होने पर पुलिस भी मौन साध गई। उसी बेटे की लाठी ने गुरुवार की रात अपनी मां राधिका देवी की जान ले ली। नाबालिग बच्चों ने चाचा रविंद्र सिंह के कृत्यों पर उस समय तो विरोध नहीं किया। लेकिन जब दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह गांव वालों और घर वालों का सहारा मिला तो पुलिस के समक्ष सारी कहानी कह डाली। इस घटना के बाद क्षेत्र में इसी बात की चर्चा है कि जिस बेटे के कृत्य पर उसकी मां ने पर्दा डालकर उसे बचा लिया था। वही बेटा उसका हत्यारा बन गया।
विज्ञापन