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स्टे आर्डर के कारण पैमाइश पर लगा ब्रेक
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:23 PM IST
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आजमगढ़ (ब्यूरो)। शहर कोतवाली क्षेत्र के मड़या मुहल्ले में बुधवार को एक विवादित जमीन की पैमाइश कराने के लिए अधिकारी पहुंचे। मौके पर एक व्यक्ति ने उक्त जमीन पर कोर्ट का स्टे दिखाया तो अधिकारियों को बिना पैमाइश कराए ही वापस होना पड़ा।
बताते चलें कि मड़या मुहल्ले में उदयभान पांडेय एडवोकेट और उनके भाई सुरेश चंद्र शर्मा लगभग 40 वर्षो से मकान बनाकर परिवार समेत रहते हैं। इनके मकान के पूरब तरफ गाटा संख्या 1214 है जिसमें उदयभान पांडेय और सुरेश चंद्र शर्मा के अलावा अन्य लोग भी हिस्सेदार हैं। इसी गाटा संख्या में एक सरकारी भवन का निर्माण प्रस्तावित है जिसके चलते इस जमीन पर दीवानी न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया। जिस पर न्यायालय ने 10 जुलाई 2017 तक अस्थाई स्थगन आदेश देते हुए उभयपक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। उदयभान पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश की सूचना पूर्व जिलाधिकारी सुहास एलवाई, वर्तमान जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के अलावा पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी सदर और शहर कोतवाल को भी दी गयी थी। लेकिन एक पक्ष ने तथ्यों को छिपाते हुए प्रशासन को पैमाइश के लिए राजी कर लिया। बुधवार की दोपहर लगभग ढ़ाई बजे जब तहसीलदार सदर रत्नेश तिवारी अन्य राजस्व कर्मियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो उन्हें न्यायालय के स्टे से अवगत कराया गया। इसके बाद उन्होंने पैमाइश करने से इंकार कर दिया। वह मौके पर यथा स्थिति बनाए रखने का निर्देश देकर वापस लौटे।
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बताते चलें कि मड़या मुहल्ले में उदयभान पांडेय एडवोकेट और उनके भाई सुरेश चंद्र शर्मा लगभग 40 वर्षो से मकान बनाकर परिवार समेत रहते हैं। इनके मकान के पूरब तरफ गाटा संख्या 1214 है जिसमें उदयभान पांडेय और सुरेश चंद्र शर्मा के अलावा अन्य लोग भी हिस्सेदार हैं। इसी गाटा संख्या में एक सरकारी भवन का निर्माण प्रस्तावित है जिसके चलते इस जमीन पर दीवानी न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया। जिस पर न्यायालय ने 10 जुलाई 2017 तक अस्थाई स्थगन आदेश देते हुए उभयपक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। उदयभान पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश की सूचना पूर्व जिलाधिकारी सुहास एलवाई, वर्तमान जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के अलावा पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी सदर और शहर कोतवाल को भी दी गयी थी। लेकिन एक पक्ष ने तथ्यों को छिपाते हुए प्रशासन को पैमाइश के लिए राजी कर लिया। बुधवार की दोपहर लगभग ढ़ाई बजे जब तहसीलदार सदर रत्नेश तिवारी अन्य राजस्व कर्मियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो उन्हें न्यायालय के स्टे से अवगत कराया गया। इसके बाद उन्होंने पैमाइश करने से इंकार कर दिया। वह मौके पर यथा स्थिति बनाए रखने का निर्देश देकर वापस लौटे।
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